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दुनिया

गिलगित मुद्दे पर चीन ने बयान हटाया

गिलगित बाल्टिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति के आरोप पर चीन ने अपना जवाब बयान की आधिकारिक प्रति से हटा दिया है. गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र को बताया है पाकिस्तान का उत्तरी हिस्सा. भारत ने जाहिर की है चिंता.

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चीनी सरकार ने बुधवार रात सरकारी न्यूज एजेंसी शिनहुआ पर एक बयान जारी किया जिसमें न्यू यॉर्क टाइम्स अखबार में छपे लेख का जवाब दिया गया. इस लेख में दावा किया गया है कि गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र में चीन के 11,000 सैनिक उपस्थित हैं. चीन ने अपने बयान में इस आरोप को खारिज किया और विवादित क्षेत्र को उत्तरी पाकिस्तान कह कर संबोधित किया. इसके बाद दिल्ली ने अपना विरोध दर्ज कराया.

भारत मानता है कि गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र पर पाकिस्तान ने गैरकानूनी रूप से कब्जा किया हुआ है जबकि वह जम्मू कश्मीर राज्य का अखंड हिस्सा है. शनिवार को शिनहुआ की वेबसाइट से वह सवाल और उसका जवाब हटा दिया गया. चीन पाकिस्तान में सैनिक भेजने की रिपोर्टों का खंडन करता है के शीर्षक का अब कोई लिंक वेबसाइट पर नहीं है.

बुधवार को वेबसाइट पर बयान जारी होने के बाद चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग यू ने गुरुवार को भी चीनी सैनिकों की उपस्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में गिलगित बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का उत्तरी हिस्सा कह कर संबोधित किया. लेकिन अब आधिकारिक प्रति से यह सवाल और जवाब हटा दिया गया है.

शुक्रवार को चीन में भारत के राजदूत एस जयशंकर ने चीनी विदेश उपमंत्री झांग झीजुन से मिलकर उन्हें भारत की चिंताओं से अवगत कराया. चीन ने भारतीय अधिकारियों को आश्वस्त किया है कि सैनिक वहां पर बाढ़ राहत कार्य में हाथ बंटाने और मानवीय राहत पहुंचाने के लिए ही मौजूद हैं. हालांकि अखबार में दावा किया गया है कि चीन बड़े पैमाने पर वहां बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में जुटा हुआ है और सड़के, रेल सेवा का विकास कर रहा है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ए जमाल

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