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दुनिया

गिरते सोने से चमकते चेहरे

भारत में सोने की कीमत में लगातार आने वाली गिरावट ने आम लोगों के चेहरों की चमक बढ़ा दी है. वह भी जब शादी-ब्याह के सीजन के मौके पर ऐसा हो तो खुशी दोगुनी बढ़ जाती है.

सोने की कीमत में यह गिरावट लगातार जारी है और पिछले दो-तीन दिनों में इसकी कीमत में प्रति दस ग्राम 2250 से 2500 रुपए तक की गिरावट आई है. यही वजह है कि बांग्ला नववर्ष के मौके पर इस साल सोने के आभूषण बनाने वालों ने पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी ज्यादा कारोबार किया है. अभी कीमत और घटने की संभावना है.

दो साल का निचला स्तर

भारत में पिछले साल नवंबर में दस ग्राम सोने की कीमत 32 हजार रुपए से ज्यादा पहुंच गई थी. लेकिन अब यह 26 हजार के आसपास घूम रही है. सोने के कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह कीमत जल्दी ही 25 हजार रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच सकती है. इस गिरावट के चलते सोने के आभूषणों की बिक्री में भी तेजी आई है. ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष बछराज बामलवा कहते हैं, "कीमतों में भारी गिरावट ने सोने के गहनों की मांग बढ़ा दी है. अकेले बांग्ला नववर्ष के मौके पर ही पिछले साल के मुकाबले इस साल आभूषणों की बिक्री 15 फीसदी ज्यादा हुई है." वह कहते हैं कि पिछले दो-तीन दिनों के दौरान ही कीमत में लगभग ढाई हजार रुपए की गिरावट आई है. जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के उपाध्यक्ष पंकज पारेख भी बामलवा की बात का समर्थन करते हैं. पारेख कहते हैं, "कीमत गिरने से बिक्री बढ़ना तय है. खासकर मध्यम तबके के लोगों ने महंगी कीमत के चलते सोने की ओर से मुंह मोड़ लिया था. लेकिन कीमत कम होने से उनमें उत्साह बढ़ा है.

आम लोगों में खुशी

सोने की कीमत में गिरावट से आम लोग खुश हैं. नववर्ष के मौके पर सोना खरीदना शुभ शगुन माना जाता है. कोलकाता की एक गृहिणी सुनंदा भट्टाचार्य कहती हैं, "यह तो सोने में सुहागा जैसा है. मैंने भी इस मौके पर कुछ गहने खरीदे हैं." एक अन्य ग्राहक रमेश बजाज कहते हैं, "सोना खरीदने का कोई बहाना चाहिए. बीच में मैंने खरीदना बंद कर दिया था. लेकिन अब जब कीमत में इतनी गिरावट आई है तो भविष्य के लिए कुछ खरीदना ही बेहतर है." लेकिन ऐसे लोगों की तादाद भी कम नहीं है जो कीमत और घटने का इंतजार कर रहे हैं. शादी-ब्याह का सीजन और ऊपर से कीमत में कमी, इन दोनों के संगम ने सोने-चांदी की दुकानों से रूठी भीड़ को धीरे-धीरे लौटा दिया है. बाजार पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह रुख जारी रहा तो इसी सप्ताह सोना ढाई हजार रुपए प्रति दस ग्राम तक गिर सकता है.

कीमत में गिरावट

सोने के कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कीमत में इस गिरावट की कई वजहें हैं. साइप्रस बेलआउट पैकेज के लिए 40 करोड़ यूरो जुटाने के लिए अपने सोने का भंडार बेचने की योजना बना रहा है. इससे इटली, पुर्तगाल और स्पेन जैसे कर्ज में डूबे यूरो जोन के देशों के भी उसकी राह पर चलने का अंदेशा है. नतीजतन निवेशकों ने सोने में निवेश में भारी कटौती की है. अमेरिका में इस साल मार्च में थोक कीमतों में पिछले दस महीने की सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है. वहां ब्याज दर बढ़ने का भी अंदेशा है. वैसी हालत में डॉलर मजबूत होगा और सोना कमजोर. उससे बड़े व्यापारी सोना बेचना चाहेंगे. इस बाजार पर नजर रखने वाले मनोज पारेख कहते हैं, "निवेशक सोने को अमेरिकी डॉलर का विकल्प मानते हैं. डॉलर के मुकाबले सोने के कमजोर होने का अंदेशा होते ही जबरदस्त बिकवाली शुरू हो जाएगी. इन सबकी वजह से ही सोने की कीमत में तेज गिरावट दर्ज की गई है.

दुनिया भर में सबसे ज्यादा सोने की खपत भारत में ही होती है. सरकार ने इस साल इस पर आयात कर चार से बढ़ा कर छह फीसदी कर दिया था. इसका मकसद निर्यात को हतोत्साहित कर चालू खाते का घाटा कम करना था. नतीजतन साल की पहली तिमाही के दौरान सोने के आयात में लगभग 24 फीसदी गिरावट आई है. भारत ने इस साल जनवरी से मार्च तक दो सौ टन सोने का आयात किया जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23.67 फीसदी कम है. कर बढ़ने से पहले तक सोने के आयात में सालाना 23 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी. पिछले साल देश में 864 टन सोना आयात किया गया था. बांबे बुलियन एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित कांबोज कहते हैं, "सोने के प्रति निवेशकों का भरोसा घट रहा है. साइप्रस समेत कई देशों के सोने का भंडार घटाने की कवायद से इस धातु की चमक फीकी पड़ने लगी है.

रिपोर्ट: प्रभाकर, कोलकाता

संपादन: महेश झा

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