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विज्ञान

गिनी पिग भी होते हैं प्यार से परेशान

प्यार सिर्फ इंसानों को ही उलझन और परेशानी में नहीं डालता बल्कि ऑस्ट्रेलिया में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि गिनी पिग पर भी प्यार के इसी तरह के असर होते हैं.

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वियना विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों ने गिनी पिग पर एक अनोखा अध्ययन किया है. इस अध्ययन में पाया गया है कि एकांत में गिनी पिग का व्यवहार उस से अलग होता है जो अपने साथी के साथ होता है. दिलचस्प बात यह है कि गिनी पिग एकांत में ज़्यादा मस्त मौला होते हैं. अध्ययन के अनुसार जब गिनी पिग के जोड़े साथ होते हैं और संबंध बनाते हैं तो यह समय उनके लिए परेशानी वाला होता है, लेकिन जब वे अकेले होते हैं तो अपेक्षाकृत खुश होते हैं. प्यार से होता है तनाव

यह अध्ययन ऑनलाइन जरनल फिजोलॉजी एंड बिहेवियर में प्रकाशित हुआ है. इस अध्ययन से जुड़े सहायक लेखक इवो मशाच्के ने बताया कि पशुओं में आपसी संबंध की प्रक्रिया के दौरान ज्यादा ऑक्टोसीन का निर्माण ज्यादा होता है. ऑक्टोसीन को आमतौर पर लव हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है. इवो मशाच्के ने अपनी टीम के साथ मिलकर जीव व्यवहार पर अध्ययन किया है. उन्होंने बताया कि इस अध्ययन में यह भी साफ हुआ कि लव हार्मोन के कारण स्थानिक स्मृति में कमी नही आती बल्कि यह तनाव हार्मोन के कारण होता है.

Symbolbild Ehemuffel

इवो मशाच्के ने आगे बताया कि गिनी पिग का जोड़ा बनाने के दौरान कुछ ऐसा होता है जिससे यह जोड़ा तनाव महसूस करने लगता. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अक्सर पशु अपने साथी पर हावी होना चाहते हैं और यही हावी होना तनाव की शक्ल ले लेता है.जबकि अकेले में वे बेहतर तरीके से रह पाते हैं.

इस अध्ययन से यह तो साफ़ हो पाया है कि केवल मनुष्यों को ही 'लव के साइड इफेक्ट्स' नहीं झेलने पड़ते.

रिपोर्टः एजेंसियां/एस खान

संपादनः ईशा भाटिया

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