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मंथन

गायें भी करती हैं ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन

एक गाय एक दिन में 300 से लेकर 500 लीटर मीथेन गैस निकालती है. यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है और अब वैज्ञानिक इसके लिए हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

गाय दिन भर जुगाली करती है, यानि घास खाती है, उसे निगलती है, उसे फिर निकालती है और फिर उसे चबाती है. घास खाते समय डकार और गोबर के साथ वह मीथेन गैस भी निकालती है.

जर्मनी में राइन नदी के तट पर राइनलैंड इलाके में सेबास्टियान हॉपे वहां के वाणिज्य विभाग में काम करते हैं. वह बताते हैं, "गाय जुगाली करती है और उसका केवल एक पेट नहीं होता बल्कि पेट से पहले एक पाचन प्रणाली यानी आबोमेसम और रुमिना के साथ दो और कक्ष होते हैं. चारे का पाचन रुमिना में कीटाणु करते हैं. रुमिना में काम करने वाले बैक्टीरिया अलग अलग तरह के पदार्थ निकालते हैं, जिनमें मीथेन भी शामिल है."

ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि

दुनिया भर में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन का करीब एक तिहाई हिस्सा जुगाली करने वाले जानवरों से आता है. एक किलो मीथेन कार्बनडायॉक्साइड से जलवायु को कहीं ज्यादा गुना हानि पहुंचा सकती है. गायों से अगर मीथेन उत्सर्जन को कम किया जा सके, तो पर्यावरण को भी फायदा होगा. जर्मनी में वैज्ञानिक जानना चाहते हैं कि गायों से निकलने वाली मीथेन को कैसे कम किया जा सकता है. प्रयोग के तौर पर एक तबेले में नलियां लगाई गई हैं जो जानवरों द्वारा छोड़े गए मीथेन गैस को सोखती हैं. बॉन इंस्टिट्यूट ऑफ एग्रिकल्चरल इंजीनियरिंग के आलेक्सांडर श्मिटहाउसेन कहते हैं, "गैस तबेले से यहां हमारे दफ्तर और टर्मिनल कमरे में आती हैं. फिर पाइपों के जरिए वह वेक्यूम पंप में आती हैं. यह पंप 24 घंटे तबेले से निकल रही गैस को यहां मापने के लिए लाता है. मापने वाले मीटर के पीछे बड़े कंटेनर हैं जहां हवा को घुमाया जाता है...एक गैस मॉनिटर कंटेनर से गैस के सेंपल लेता है और डाटा का विश्लेषण करता है."

खास बात यह है कि पहली बार गायों से निकली मीथेन को असल हालात मे मापा जा रहा है.

चारे से फर्क

वैज्ञानिक जानना चाहते हैं कि क्या अलग अलग तरह के चारे से मीथेन उत्सर्जन पर फर्क पड़ता है या नहीं. चारा के प्रयोग में गायों को या तो केवल मक्के से बना चारा या केवल घास से बना चारा खिलाया जाता है. वाणिज्य विभाग के सेबास्टियान हॉपे बताते हैं, "ज्यादातर देखा गया है कि मक्के से बने चारे से गायें मीथेन गैस कम निकालती हैं. आप देख सकते हैं कि यह बाकी चारे के मुकाबले महीन है और इसलिए गाय की रुमिना में इसका पाचन अलग तरह से होता है और मीथेन की पैदाइश भी कम हो जाती है. यह घास से बना चारा है और पहली ही नजर में आप देख सकते हैं कि इसकी बनावट अलग है और इसमें ज्यादा फाइबर है. इस चारे को खाकर गाय अपने रुमिना में ज्यादा मीथेन पैदा करती है."

गाय का तबेला कैसा है

खाने के साथ साथ गाए का गोबर भी मीथेन का एक बड़ा स्रोत है. टेस्ट तबेले में रोबोट लगातार गोबर साफ करता है. सीमेंट के फर्श को मशीन रोज 12 बार साफ करती है और वहां से गोबर निकालती है. आलेक्सांडर श्मिटहाउसेन बताते हैं कि सीमेंट वाली जमीन पर कम उत्सर्जन होता है जबकि फट्टे वाले फर्श पर ज्यादा होता है. सीमेंट वाली फर्श में गोबर बाहर रखा जाता है. फट्टे वाले फर्श के नीचे गोबर में ज्यादा उबाल आता है और जितना उबाल आता है, उत्सर्जन उतना ज्यादा होता है. किसान गोबर कहां रखता है, मीथेन उत्सर्जन कम करने के लिए यह सवाल पूछना जरूरी है. फिर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि फर्श लकड़ी का है या सीमेंट का.

रिपोर्टः मार्टिन रीबे/एमजी

संपादनः आभा मोंढे

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