गाजा में मामूली राहत | दुनिया | DW | 17.07.2014
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दुनिया

गाजा में मामूली राहत

गाजा में खून खराबे के बीच इस्राएल और हमास ने पांच घंटे के मामूली संघर्ष विराम का फैसला किया है. संयुक्त राष्ट्र ने इसकी अपील की थी ताकि मानवीय मदद और राहत का काम किया जा सके.

हालांकि इससे ठीक पहले इस्राएल ने दावा किया कि कुछ फलीस्तीनी सुरंग बना कर उसकी सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे और उन पर मिसाइलों से कार्रवाई की गई है. इससे पहले मिस्र ने संघर्ष विराम का एक प्रस्ताव रखा था लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया.

इस्राएल और फलीस्तीन के बीच ताजा संघर्ष में 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें में अधिकतर फलीस्तीनी हैं. मरने वालों में बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं शामिल हैं. बुधवार को इस्राएल के एक गनबोट ने गाजा में मिसाइल से हमला किया, जिसमें 9 और 11 साल की उम्र के चार बच्चों की जान चली गई. ये सभी एक ही परिवार के थे.

फलीस्तीनी तरफ से भी इस्राएल पर रॉकेट दागे गए हैं. लेकिन वे काफी कमजोर हैं और ज्यादातर रॉकेट खाली जगहों पर गिरे हैं. इस्राएल ने मिसाइलों और रॉकेटों से सुरक्षा के लिए शक्तिशाली आयरन डोम बना रखा है और ज्यादातर रॉकेटों को यह नष्ट कर देता है. आठ जुलाई से शुरू हुए संघर्ष में एक इस्राएली की मौत हुई है.

ताजा विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब इस्राएल के तीन किशोर लड़के अचानक लापता हो गए. बाद में उनका शव फलीस्तीनी इलाके में मिला. हालांकि फलीस्तीन और हमास का कहना था कि इन बच्चों की मौत में उसका कोई हाथ नहीं है. लेकिन इस्राएल ने इसके बाद फलीस्तीनी इलाकों में हमले शुरू कर दिए. इलाके में यह पिछले पांच साल का सबसे बड़ा संकट है. इससे पहले 2008-09 में हुए संघर्ष में 1000 से ज्यादा लोगों की जान गई थी.

गाजा के अल मेजान मानवाधिकार सेंटर का कहना है कि इस्राएल के ताजा हमलों में 259 घर तबाह हो गए हैं और 1034 इमारतें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. इनमें 34 मस्जिदें और चार अस्पताल भी हैं.

एजेए/एएम (डीपीए, एपी, रॉयटर्स)

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