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दुनिया

गाजा के मछुआरों का दर्द

दो घंटे तक कमर तक पानी में रहने के बाद जब समीर अल हिसी समुद्र से बाहर निकलते हैं, तो उन्हें मछली तो नहीं ही मिलती है, उनके शरीर का भी बुरा हाल दिखता है. वह अपना टीशर्ट ऊपर उठा कर दिखाते हैं.

उनके शरीर पर छाती और कमर के पास गहरे भूरे रंग के धब्बे दिखते हैं. यह भी इस्राएली हमले का ही एक नतीजा है. उन्होंने बिजली की सप्लाई बंद कर दी है. इसकी वजह से पानी का ट्रीटमेंट नहीं हो पा रहा है. इस प्लांट के बंद होने के बाद सीवेज का गंदा पानी सीधे समुद्र में जा रहा है.

52 साल के अल हिसी का कहना है, "समुद्र में जाने वाले सीवेज की वजह से लोगों और मछलियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है." आज उनके जाल में सिर्फ 14 छोटी मछलियां फंसी है. जुलाई में संघर्ष शुरू होने से पहले जब वे गाजा के इसी तट पर मछली मारने जाते थे, तो उन्हें ज्यादा मछलियां मिलती थीं. अब उन्हें लंबी दूरी भी तय करनी होती है.

अब वे हर सुबह दो घंटे समुद्र में जाना पड़ता है, ताकि वे अपने परिवार के लिए खाना जुटा सकें. लेकिन अब उनका कहना है कि समुद्र से मछलियां भी कम होती जा रही हैं, "अगर उनका माहौल खराब हो जाता है, तो मछलियां चली जाती हैं. ठीक इंसानों की तरह." इस गंदगी की वजह से इंसानों की सेहत पर भी असर पड़ता है. उनका कहना है कि बच्चों पर इसका ज्यादा असर पड़ता है.

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मछुआरों की मुश्किलें

यहां तक कि संघर्ष शुरू होने से पहले ही संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले में चिंता जताई थी. 2012 की रिपोर्ट का कहना था, "सीवर की लगभग 90,000 घनमीटर गंदगी हर रोज निकलती है. इससे गंदगी और प्रदूषण होता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान और मछली उद्योग पर असर पड़ता है."

गाजा में मछुआरा संगठन का कहना है कि स्थिति पहले भी खराब हो गई है क्योंकि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम रुक गया है. संगठन के निजार आईश का कहना है, "निश्चित तौर पर हमें पता है कि समुद्र में प्रदूषण की समस्या युद्ध की वजह से गहरा गई है." उनका कहना है कि संघ में 4000 लोग हैं और उनके लिए इसमें जाना ठीक नहीं.

अल हिसी के ही पास यासीर अल सुलतान भी समुद्र में मछली मारने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन 200 मीटर की दूरी तक जाकर वह लौट आते हैं. वह 30 साल से मछली मारने का काम कर रहे हैं लेकिन उनका आरोप है कि हाल कि दिनों में सीवेज का पानी बढ़ता जा रहा है, "ज्यातार हिस्सों में पर्यावरण प्रदूषित है. यह बहुत गंदा है."

वह अपने पीछे वह इलाका दिखाते हैं, जहां मछुआरों के जाल रखे हैं. वह जगह इस्राएली हमलों से काला पड़ गया है. अल सुलतान कहते हैं, "यह किनारा पर्यटकों के लिए अच्छी जगह थी. लेकिन नाले की वजह से यहां कोई नहीं आता. हम इस समस्या का अंत चाहते हैं."

एजेए/एएम (एएफपी)

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