1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

गर्भपात के मुद्दे पर ब्राजील की निंदा

संयुक्त राष्ट्र ने ब्राजील की कांग्रेस द्वारा विचाराधीन एक विधेयक पर चिंता व्यक्त की है, जो गर्भपात को प्रतिबंधित करता है. यहां तक ​​कि बलात्कार के मामलों में भी, जहां महिलाओं की जिंदगी खतरे में हो.

यूएन पॉप्युलेशन फंड के ब्राजील कार्यालय ने एक बयान में कहा है कि यह बिल "महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अधिक जोखिम पैदा करता है."

वर्तमान में ब्राजील में महिलाएं केवल बलात्कार के मामलों में ही गर्भपात करवा सकती हैं. इसके अलावा उन्हें कुछ मामलों में गर्भपात करवाने की अनुमति है, जैसे कुछ स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में. ऐनिन्सेफली जैसे मामलों में ज्यादातर बच्चों के मस्तिष्क का भाग विकसित नहीं हो पाता है. महिलाओं को ऐसे मामलों में गर्भपात कराने की अनुमति है.

लेकिन नया विधेयक ऐसे मामलों में भी गर्भपात पर प्रतिबंध लगा देगा. प्रस्तावित विधेयक को कांग्रेस की एक कमेटी ने दो हफ्ते पहले समर्थन दिया था, जिसका हर तरफ विरोध हो रहा है.

इसका प्रारंभिक लक्ष्य समय से पहले के बच्चों की माताओं के लिए मातृत्व अवकाश का विस्तार करना था, लेकिन कांग्रेस के अति-रूढ़िवादी सदस्यों ने चर्चों से जुड़े हुए एक क्लॉज को समाहित करते हुए कहा कि जीवन का अधिकार गर्भधारण के क्षण से ही शुरू हो जाता है.

यूएन ने अपने बयान में कहा कि विधेयक का संशोधन महिलाओं से उन मामलों से संबंधित मुद्दों पर निर्णय लेने का मौका छीनता है, जो उनके सबसे बुनियादी अधिकार हैं. यूएन के कहा कि यह ब्राजील को महिला अधिकारों के मुद्दे पर एक कदम पीछे ले जाता है. साथ ही इस बात का भी उल्लेख किया कि ब्राजील में गैरकानूनी रूप से होने वाले गर्भपात मातृ मृत्यु की सबसे बड़ी वजहों में से एक है.

बिल वर्तमान में कांग्रेस के जरिए अपना रास्ता बना रहा है, लेकिन कानून बनने से पहले कई बाधाएं सामने हैं. कांग्रेस के निचले सदन में पूर्ण मतदान से पहले एक बार फिर समिति द्वारा इस पर बहस करना होगा, जहां कानून निर्माताओं के 60 प्रतिशत के समर्थन को हासिल करने की आवश्यकता होगी. ब्राजील के कई प्रमुख शहरों में पिछले हफ्ते विधेयक के खिलाफ प्रदर्शनों का आयोजन किया गया था.

एसएस/ओएसजे (एएफपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री