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दुनिया

गडकरी पर इस्तीफे का दबाव

भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के अध्यक्ष नितिन गडकरी पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता राम जेठमलानी ने गडकरी के तुरंत इस्तीफे की मांग की है और कहा है कि यशवंत सिंहा जैसे नेता भी उनके साथ हैं.

राम जेठमलानी ने भ्रष्टाचार के कांड में फंसे गडकरी को खुले आम चुनौती दी और उनके फौरन इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कहा है कि पार्टी के बहुत से नेता भी भ्रष्टाचार के आरोपों के सामने आने के बाद गडकरी के पार्टी अध्यक्ष के पद पर बने रहने के खिलाफ हैं. "मैं यशवंत सिंहा, जसवंत सिंह और शत्रुघ्न सिंहा के संपर्क में हूं. हम एक ही सोच के दिखते हैं. हमारा स्पष्ट मत है कि पार्टी अध्यक्ष का इस्तीफा जरूरी है." राम जेठमलानी ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने और इन तीन नेताओं की ओर से गडकरी और पार्टी नेता लालकृष्ण आडवाणी को चिट्ठी लिखी है.

नितिन गडकरी पर अपने कारोबारी हितों के लिए राजनीतिक पदों का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं. उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप में लेन देन में फर्जीवाड़े के अलावा वित्तीय घोटालों को छिपाने के लिए गलत पतों वाली फर्जी कंपनियां खोलने के भी आरोप हैं. इसके अलावा प्रांत के पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर को बहुत से ठेके देने के भी आरोप हैं.

Indien Hungerstreik Baba Ramdev FLASH-GALERIE

पड़ रही है दरार

भारत के नामी वकीलों में शामिल जेठमलानी ने पिछले ही महीने नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग की थी. उन्होंने कहा कि गडकरी को एक और कार्यकाल नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को नुकसान पहुंचाएगा. हाल में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय परिषद में नियमों को बदल दिया गया है ताकि गडकरी को एक बार और पार्टी अध्यक्ष बनाया जा सके. जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने, जो खुद प्रमुख वकील हैं, सोमवार को बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से यह कहकर इस्तीफा दे दिया था कि जब तक गडकरी पार्टी प्रमुख हैं वे इस संस्था में काम नहीं कर सकते. जेठमलानी ने कहा कि आरएसएस में गडकरी के मुद्दे पर चर्चा चल रही है और उन्हें लगता है कि संस्था के नेताओं ने गडकरी का समर्थन नहीं किया है.

नितीन गडकरी नागपुर के हैं और उन्हें आरएसएस की नियुक्ति समझा जाता है. आरएसएस के अंदर इस तरह की भावना है कि अगर गडकरी से अभी इस्तीफा दिलावाया जाता है तो इसे उनकी स्वीकारोक्ति समझा जाएगा. इसके अलावा उनका राजनीतिक करियर भी समाप्त हो जाएगा. गडकरी को हटाए जाने का असर बीजेपी आरएसएस रिश्तों पर भी पड़ सकता है.

Der Präsident der indischen BJP Nitin Gadkari

बचाव में मुश्किलें

आरंभिक झिझक के बाद बीजेपी गडकरी का बचाव कर रही है और कांग्रेस पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है. बीजेपी यह कहकर नितिन गडकरी का बचाव कर रही है कि उन्होंने जांच के लिए हामी भर दी है. लेकिन साथ ही यह भी आरोप लगा रही है कि जांच कांग्रेस करवा रही है. लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा है कि यह गलत है कि वे गडकरी का समर्थन नहीं कर रही हैं.

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनय कटियार ने जेठमलानी के बयान पर कहा है कि पार्टी के अंदर कोई मतभेद नहीं हैं. "राम जेठमलानी के बयान का कोई मूल्य नहीं है. पार्टी के अंदर कोई मतभेद नहीं हैं." पार्टी की प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने सूरत में कहा कि उन्हें पता नहीं कि पार्टी का इस पर क्या रुख है. "पार्टी के फैसले के बाद ही मैं इस पर कोई टिप्पणी करूंगी."

इस बीच नितिन गडकरी ने लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से मुलाकात की है. वे आज लालकृष्ण आडवाणी से भी मिल रहे हैं.

एमजे/एएम (पीटीआई)

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