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दुनिया

गंगा की लहरों पर विरासत की सैर

भारत में लोग जल्द ही गंगा के रास्ते कोलकाता से पटना तक का सफर कर सकेंगे. बंगाल सरकार ने एक निजी कंपनी से इस बाबत एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं.

दुनिया भर में क्रूज पर्यटन के बढ़ती लोकप्रियता के बाद बंगाल सरकार ने भी इस ट्रेंड को भुनाने का फैसला किया है. एक निजी कंपनी के साथ हुए करार के तहत स्थानीय और विदेशी पर्यटकों को गंगा के रास्ते पटना तक ले जाया जाएगा. बाद में इस सेवा को बनारस तक बढ़ाने की योजना है. यह लक्जरी स्टीमर दरअसल लहरों पर तैरता एक भव्य होटल होगा जहां रहने और खाने पीने के अलावा तमाम अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

करार

पश्चिम बंगाल सरकार ने इस सेवा के लिए इंग्लैड के आप्रवासी भारतीय उद्योगपति राज सिंह की कंपनी आरवी गंगेज वॉयजर के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं. परिवहन मंत्री मदन मित्र कहते हैं, "इस सेवा से खासकर विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में काफी सहायता मिलेगी." वह कहते हैं कि सरकार ने राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों तक हाल में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की है. यह सेवा बंगाल में पर्यटन को बढ़ावा देने की सरकार की मुहिम का हिस्सा है.

इस सेवा के तहत एमवी राजमहल नामक स्टीमर महानगर से सटे मिलेनियम पार्क जेटी से अपना सफर शुरू करेगा. यहां से पटना के रास्ते में यह राज्य के तमाम प्रमुख हेरिटेज स्थलों पर रुकेगा ताकि पर्यटकों को बंगाल की धनी सांस्कृतिक विरासत की झलक मिल सके. पर्यटन मंत्री बताते हैं, "अपने सफर के दौरान स्टीमर बैरकपुर, चंदननगर, नवद्वीप, मायापुर, पलासी, मुर्शिदाबाद और फरक्का में रुकेगा. वहां से आगे के सफर में यह भागलपुर और मुंगेर होते हुए पटना पहुंचेगा. अगले चरण में इस सेवा को बनारस तक बढ़ाया जाएगा."

बांग्लादेश को जोड़ने की योजना

राज्य सरकार ने नदी मार्ग से ही पर्यटकों को कोलकाता से बांग्लादेश की राजधानी ढाका तक ले जाने की भी योजना बनाई है. परिवहन मंत्री मदन मित्र कहते हैं, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों बंगाल के बीच नदी परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहती हैं. अगर पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच सड़क और रेल संपर्क हो सकता है तो नदी के रास्ते परिवहन क्यों नहीं हो सकता?"

बंगाल सरकार के साथ समझौता करने वाली कंपनी के प्रमुख राज सिंह कहते हैं, "कोलकाता को ढाका से जोड़ने का प्रस्ताव दिलचस्प है. इसी रास्ते में सुंदरबन पड़ता है. यह मार्ग देशी-विदेशी पर्यटकों में काफी आकर्षण पैदा करेगा." वह बताते हैं कि प्रस्तावित स्टीमर लहरों पर तैरता एक होटल है जहां वातानुकूलित केबिन से लेकर, स्पा, सैलून, लाइब्रेरी और डाइनिंग रूम समेत तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी. पर्यटकों को सफर के दौरान खाना पकाने और योग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. हर शाम उनके मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा प्रशिक्षित डाक्टरों की टीम और इलाज का समुचित इंतजाम भी रहेगा.

सुरक्षा का सवाल

सुंदरबन इलाके में हाल में पर्यटकों के साथ लूट-पाट की घटनाओं के बाद इस सफर में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं. लेकिन परिवहन मंत्री ने इन आशंकाओं को निराधार करार दिया है. वह कहते हैं कि प्राचीनकाल में तमाम व्यापार इसी नदी के सहारे होता था. हम उसी जल मार्ग को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं. मंत्री का दावा है कि सरकार इस योजना के जरिए अपनी विरासत को बढ़ावा देने और इतिहास को सजीव करने का प्रयास कर रही है.

स्टीमर पर सुरक्षा के समुचित इंतजाम किए जाएंगे. वह कहते हैं, "विदेशों में खासकर कैरेबियाई द्वीपों में लोग मोटी रकम खर्च कर क्रूज पर जाते हैं. हमारा लक्ष्य ऐसे पर्यटकों को आकर्षित करना है. इस सफर के दौरान सरकार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में सहायता करेगी."

तमाम सुख-सुविधाओं से लैस इस स्टीमर से पटना तक का सफर कोई सस्ता नहीं होगा. इसका किराया कमोबेश किसी फाइव स्टार होटल के समान होगा. तो क्या ऐसे में इसे पर्याप्त यात्री मिल सकेंगे. इस सवाल पर राज सिंह कहते हैं, "देशी-विदेशी पर्यटकों के एक तबके के पास पैसों की कोई कमी नहीं है. सुख-सुविधा, आराम और नएपन की तलाश में ऐसे लोग मुंहमांगी रकम खर्च करने के लिए तैयार हैं."

रिपोर्ट: प्रभाकर, कोलकाता

संपादन: महेश झा

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