खेल रत्न पुरस्कार न मिलने से निराश नारंग | खेल | DW | 01.08.2010
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खेल

खेल रत्न पुरस्कार न मिलने से निराश नारंग

भारतीय निशानेबाज गगन नारंग ने खुद को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार न दिए जाने पर निराशा जताई है. उन्होंने पुस्कार की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाया है और कहा है कि प्रदर्शन से नहीं मीडिया की चकाचौंध से फैसला हो रहा है.

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नारंग ने लंदन के लिए किया क्वॉलिफाई

नारंग ने कहा, "मेरे साथ जो हुआ है, उसे लेकर मैं बहुत निराश हूं. ऐसा लगातार तीसरी बार हो रहा है. मुझे लगता है कि खेल रत्न का फैसला करते समय लोगों के रुझान और मीडिया की कवरेज पर ध्यान दिया जा रहा है. यह जानकार दुख होता है कि अपने प्रदर्शन के लिए मुझे 2009 और उससे पहले 2008 में भी इस सम्मान के लिए हकदार माना जा रहा था. लेकिन मैं अपनी बंदूक से जवाब दूंगा और मुझे लगता है कि कांस्य पदक ने कुछ लोगों की आंखें भी खोली हैं."

नारंग विश्व वरीयता में दूसरे नंबर के राइफल निशानेबाज हैं. वह लंदन में 2012 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वॉलिफाई करने वाले पहले भारतीय हैं. म्यूनिख में 50वीं वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक हासिल किया.

म्यूनिख में नारंग ने आखिरी दौर में 102 अंक हासिल किए जिसके दम पर वह 128 निशानेबाजों के बीच कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहे. नारंग का कहना है कि वह वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान हासिल नहीं कर सकते. वह कहते हैं, "मुझे लगता था कि वर्ल्ड कप जीतने पर मुझे यह मिलेगा. लेकिन मैं अब भी वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हूं."

पीटी उषा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय खेल पुरस्कार चयन समिति की 30 जुलाई को बैठक हुई और भारत की बैडिमंटन स्टार साइना नेहवाल को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देने का फैसला किया गया.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः ए जमाल