1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

मंथन

खिड़की एक नहीं, फिर भी घर हवादार और रोशन

2012 से आना हरनांडेस अपने परिवार के साथ अलदेया दे जूसो में इस बिना खिड़की के घर में रहती है. बाहर से अजीब, लेकिन घुसते ही आश्चर्य होता है, भरपूर रोशनी और खुलापन.

आना हरनांडेस का घर बाहर से अजीब लगता है लेकिन घुसते ही आश्चर्य होता है. एक बंद इमारत में भरपूर रोशनी और खुलापन. इसका राज छिपा है घर के आर्किटेक्चर में. आना हरनांडेस बताती हैं कि ये घर शीशे की दीवारों के साथ बना है इसलिए यह दोगुना बड़ा दिखता है.

घर में शीशे के कई फ्रंट हैं जिन्हें खोला जा सकता है और इस दीवार को खोलते ही घर से गार्डन में पहुंच जाते हैं. यह घर छोटी सी जमीन पर बना है. सिर्फ 350 वर्गमीटर जमीन. जगह बढ़ाने के लिए यहां दो मंजिल बनाई गई हैं. एक जमीन के नीचे भी है. यहां निजता को काफी महत्व दिया जाता है, इसीलिए घर में कोई खिड़की नहीं है.

तस्वीरों में: ऐसी जगहों पर घर बसाएंगे आप?

आना हरनांडेस कहती हैं, "यहां आते ही हर कोई कहता है, अरे घर में कोई खिड़की नहीं है, ये तो बड़ा तिलस्मी है. लेकिन सच्चाई यह है कि आर्किटेक्ट ने नीचे के दीवार शीशे में बनाने का प्रस्ताव दिया तो हम दंग रह गए. हमने सोचा कि वाह, यह तो कमाल का आइडिया है. वैसे शुरू में हम निश्चित नहीं थे लेकिन बाद में वैसा ही किया क्योंकि ऊपर के सभी कमरे छोटे आंगन में खुलते हैं. इससे हमें निजता मिलती है जो छोटी खिड़कियां हमें नहीं देतीं."

ड़कियों का राज घर के अंदर 170 वर्गमीटर में छिपी है. यहीं वे खिड़कियां हैं जो बाहर से दिखाई नहीं देतीं. हर कमरे के साथ एक बालकनी है. अंदर की ओर खुलने वाली बालकनियां अलग अलग आकार की हैं. लेकिन उनमें एक समानता है, वे सफेद रंग में रंगी हैं ताकि रोशनी को परावर्तित करें. अंदर की बालकनी स्पेनी और पुर्तगीज वास्तुकला में बहुत आम है. ये सामयिक आर्किटेक्चर की एक स्थापित परंपरा है. हरनांडेस कहती हैं, "मैं समझती हूं कि यह दक्षिणी यूरोप के आर्किटेक्चर में बहुत आम है. वह हमें रोशनी देती है और गर्मी से बचाती है. इन बाल्कनियों के जरिये हमें अतिरिक्त जगह मिलती है. यहां गर्मियां ठंडी होती हैं और जाड़े धूप के कारण गर्म."

ये भी देखिए, छोटे मगर खूब काम के घर

साधारण सा ये मकान एक ऐसे इलाके में है जहां आम तौर पर बंगले हैं. आना का परिवार मकान बनने के बाद यहां खुद रह रहा है. लेकिन उन्हें अक्सर दूसरों को बताना पड़ता है कि यह रहने का मकान है, कोई स्कूल या स्विमिंग हॉल नहीं है. जाहिर है, उन्हें अपना घर बेहद पसंद है. यह सचमुच उनके लिए सपनों का घर है, भले ही समझने के लिए दोबारा देखना पड़े. और जब समझ आए तो दिखता है कि सपाट दीवारों के पीछे कितना आराम छुपा है.

उलरिके डोर/एमजे

DW.COM

संबंधित सामग्री