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मनोरंजन

खालीपन से जूझ रहे हैं शाहरुख

ऊंचाई पर हवा बहुत पतली होती है, और चोटी पर अक्सर आदमी अकेला होता है. बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान आजकल इसी दौर से गुजर रहे हैं.

गोवा में हर साल होने वाले "थिन्क्फेस्ट कॉन्क्लेव" में शाहरुख खान ने माना है कि शीर्ष पर अकेलापन है और वह लगातार खालीपन की भावना से जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा, "मुझ में कुछ गड़बड़ है. मैं इसे महसूस करता हूं लेकिन मुझे पता नहीं कि यह क्या है."

"मेरा एक सुन्दर परिवार है. मेरे कुछ दोस्त भी हैं जिन के साथ में बहुत समय बिताता हूं. मैं अपने पिता की तरह नहीं मरना चाहता. मैं सिर्फ सफल रहना चाहता हूं. शीर्ष पर बहुत अकेलापन है यकीन मानिये," शाहरुख ने अपने मन की बात बताते हुए कहा. "किसी तरह यह खालीपन का एहसास आ जाता है. मन में बेचैनी और अनजानापन सा है जिसे मैं अपने अभिनय से भरता हूं."

पिछले दिनों में शाहरुख खान अक्सर अपने माता-पिता को याद करने लगे हैं. हाल के दिनों में फिल्मकार यश चोपड़ा की मौत से भी उन्हें गहरा सदमा लगा है, जो उम्र में उनके पिता जैसे ही थे. अपनी नई फिल्म "जब तक है जान" के लिए कश्मीर में शूटिंग के बाद उन्होंने कहा था कि वे कभी अपने माता-पिता के साथ कश्मीर नहीं जा पाए.

बॉलीवुड अभिनेता के पिता की जब मौत हुई थी तो वे सिर्फ 15 साल के थे. बचपन की गरीबी को याद करते हुए अपने परिवार में हमेशा रहने वाली पैसे की कमी के बारे में उन्होंने कहा, "एक बार मेरे पिता दिल्ली में मुझे सिनेमा दिखाने ले गए. उन के पास ज्यादा पैसा नहीं था. हम कमानी ऑडिटोरियम के पास बैठे और उन्होंने मुझसे कहा की गुजरती हुई गाड़ियों को देखने में आनंद आता है." उन्होंने कहा, "जब मैं अपने बेटे को फिल्म दिखाने ले जाऊं तो मैं चाहता हूँ कि मैं उसे सचमुच फिल्म दिखाऊं न कि गाड़ियां."

Shahrukh Khan und Gauri Khan

अपनी पत्नी गौरी के साथ शाहरुख खान


जब से शाहरुख ने 1992 में फिल्म दीवाना में अभिनय किया तब से वह फिल्म  इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं. शाहरुख अपने पिता के देहांत को याद करते हुवे भावुक हो गये. "मुझे लगता है कि मेरे पिता दुनिया के सबसे सफल नाकाम थे. मुझे उन पर गर्व है." उन्होंने अपने पिता को "एक हैंडसम पठान" बताया. "मेरी बहन बेहोश हो गई थी और अगले दो साल तक सदमे से बाहर नहीं निकली थी. वे रोती नहीं थीं, लेकिन हमारे पिता के देहांत के सच का सामना नहीं कर सकी थीं," शाहरुख ने कहा.
"बहुत सारी चीजें मुझ में बॉलीवुड जैसी या चमक दमक वाली दिखती हैं लेकिन यह मेरी असल भावना को छुपाने के लिए है. मुझ में साधारण रहने की हिम्मत नहीं है. निराशा से दूर रहने के लिए मैं अभिनय करता हूं." शाहरुख़ ने कहा कि फिल्मों में जो किरदार वह निभाते हैं उनमें से 90 प्रतिशत उनकी असल जिन्दगी के अनुभव हैं. सारी भावुकता और अकेलेपन के अहसास की बात करने के बावजूद उन्होंने इस बात से इंकार  किया कि वह बढ़ती उम्र के संकट से गुजर रहे हैं. उन्होंने अपना आपा खोने की कुछ घटनाओं का कारण खुद को दिल्लीवाला होना बताया.
शाहरुख पर हाल ही में मल्टी टैलेंट फरहा खान के पति श्रीश कुंदर पर एक पार्टी में थप्पड़ मारने का आरोप लगा था. इस के अलावा वह आईपीएल मैच के दौरान एक पुलिस वाले से भिड गए थे. इसकी चर्चा होने पर शाहरुख को अपने करियर के शुरुआती दिनों में 'कभी हाँ कभी ना' की शूटिंग के दौरान एक पत्रकार को धमकाने पर मुश्किल में पड़ने की घटना याद आ गई.  

"इस घटना के बाद मुझे जेल जाना पड़ा. पुलिस स्टेशन से सिर्फ एक फोन करने की इजाजत थी. मैंने अपनी बीवी को फोन करने के बजाय उसी पत्रकार को फोन कर के फिर से धमकाया." शाहरुख ने कहा कि यह एक बेवकूफी थी.
गोवा के सालाना आयोजन में शाहरुख ने अपनी आत्मकथा से कुछ अंश भी पढ़े. वे हाल ही में 47 साल के हो गए हैं और अपनी आत्मकथा को पूरी करने के अंतिम दौर में हैं.

आरजेड/एमजे (पीटीआई)

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