1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

खाना हो या तेल, महंगाई रेलमपेल

भारत में 3 जुलाई को खत्म हफ्ते में खाद्य पदार्थों की सालाना महंगाई दर बढ़ कर 12.81 प्रतिशत हो गई है. वहीं तेल के दाम 14.27 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़े हैं. आम आदमी को महंगाई से राहत नहीं.

default

इससे पिछले हफ्ते में खाद्य मुद्रास्फीति 12.63 प्रतिशत और तेल उत्पादों की मुद्रास्फीति 18.02 प्रतिशत थी. सब्जियों के दाम पिछले साल के मुकाबले 5.70 रुपये गिरे हैं, लेकिन दाल और अनाज के कारण महंगाई दर का आंकड़ा ऊपर ही बना हुआ है. आलू के दामों में लगभग 43 प्रतिशत की कमी आई है. वहीं सालाना स्तर पर देखें तो प्याज के दाम पांच प्रतिशत गिरे हैं. लेकिन अनाज के दामों में 6.04 प्रतिशत और चावल के दामों में 6.10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

दालें 28.98 प्रतिशत के हिसाब से महंगी हुई हैं तो दूध के दामों में 15.91 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. पिछले साल के मुकाबले फलों की कीमतों में 15.91 की वृद्धि हुई है.सरकार की तरफ से 25 जून को बढ़ाए गए तेल के दामों का असर डीजल और पेट्रोल पर भी दिख रहा है. इसीलिए सालाना फ्यूल इनफ्लेशन 14.27 प्रतिशत के आसपास है.

इस सबके चलते जून महीने में कुल मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 10.55 प्रतिशत हो गई है. पेट्रोल और डीजल के दामों में प्रति लीटर 3.50 रुपये का इजाफा हुआ है. वहीं एलपीजी गैस प्रति सिलेंडर 35 रुपये और मिट्टी का तेल प्रति लीटर तीन रुपये महंगा हुआ है.

एक साल में खाद्य मुद्रास्फीति ज्यादातर समय 16 प्रतिशत के स्तर से ऊपर ही रही है. हालांकि जून के मध्य से यह 13 प्रतिशत के कम से स्तर पर आ गई है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कमार

संपादनः ए जमाल

संबंधित सामग्री