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दुनिया

खराब मौसम से रुकी खोज

लापता विमान में सवार मुसाफिरों के चीनी रिश्तेदारों ने गुस्से और निराशा के बीच मलेशियाई दूतावास के सामने सिक्योरिटी वालों से हाथापाई की. खराब मौसम की वजह से विमान खोजने का काम एक बार फिर रुका.

बीजिंग में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मलेशिया को "हत्यारा" बताया. मलेशिया उन आंकड़ों को चीन से साझा नहीं कर रहा है, जिसके आधार पर उसने घोषणा की है कि विमान हादसे का शिकार हो चुका है. मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक ने सोमवार को ब्रिटिश आंकड़ों को आधार बना कर कहा था कि मलेशिया के लापता एमएच 370 विमान का सफर "हिन्द महासागर में कहीं पूरा" हो गया.

सुई कहां, अभी भूसा भी नहीं मिला

इस बीच, खराब मौसम और तेज हवाओं की वजह से विमान के मलबे की तलाश में अड़चन आ रही है. इससे रिश्तेदार और निराशा में हैं. वह चाहते हैं कि कम से कम इस बात के सबूत ही मिल जाएं कि विमान हादसे का शिकार हो चुका है और उनके अपने अब कभी नहीं लौट पाएंगे. ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय के उप प्रमुख मार्क बिन्सकिन ने बताया कि बहुत बड़े इलाके में खोज का काम करना है और खराब मौसम में उच्च तकनीक और दूरबीनों से तलाश का काम आसान नहीं, "हम लोग भूसे में सुई की तलाश नहीं कर रहे हैं. हम तो यह तय करना चाह रहे हैं कि भूसा कहां है."

आठ मार्च को मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर से चीनी राजधानी बीजिंग की उड़ान भरते हुए बोइंग 777 विमान का अचानक एयर ट्रैफिक से संपर्क कट गया और उसके बाद से इसकी कोई खबर नहीं है. उड्डन इतिहास में ऐसे इक्का दुक्का मामले ही हैं, जब कोई विमान इस तरह लापता हो गया हो.

रिश्तेदारों का दर्द

बीजिंग में मलेशियाई दूतावास के सामने मुसाफिरों के कुछ रिश्तेदार रिपोर्टरों से बात करना चाहते थे. उसी दौरान सिक्योरिटी वालों ने उन्हें रोक लिया. फिर हाथापाई शुरू हो गई. मानव श्रृंखला बनाए लोगों ने नारा लगाया, "हमारे रिश्तेदारों को वापस करो". एक और नारा लगा, "मलेशिया की सरकार हत्यारी है". एक प्रदर्शनकारी वेन वानचेंग अपने जज्बात काबू में नहीं रख पाया और फूट फूट कर रोने लगा. 63 साल के वेन ने सुबकते हुए कहा, "मेरा बेटा, मेरा बेटा. मेरे बेटे को वापस करो."

आम तौर पर चीन में प्रदर्शन करने वालों पर काफी सख्ती बरती जाती है लेकिन कभी कभी ढिलाई भी दी जाती है, खास कर अगर मामला किसी और देश से जुड़ा हो. इस बार ऐसा ही मामला था, जब पुलिस वालों ने ट्रैफिक रोक कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने दिया. विमान में सवार दो तिहाई यात्री चीनी थे.

एसएमएस से सूचना

उधर, मलेशिया एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अहमद जौहरी यहया ने उस फैसले को सही बताया, जिसके तहत मुसाफिरों के रिश्तेदारों को एसएमएस भेज कर सूचना दी गई कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है और इसमें किसी के बचे होने की संभावना नहीं है. उन्होंने कहा, "कल रात हमारा एक ही मकसद था कि रिश्तेदारों को इस बात की सूचना दुनिया से पहले दी जाए. कोई शब्द नहीं है कि जिससे उनके दर्द को कम किया जा सके."

अहमद जौहरी ने बताया कि कंपनी ने 700 से ज्यादा लोगों को काम पर लगाया है, जो रिश्तेदारों की मदद कर रहे हैं और उन्हें शुरू में 5000 डॉलर का मुआवजा दिया गया है. उन्हें और मदद दी जाएगी. रिश्तेदारों को पर्थ भी ले जाया जा सकता है, जहां विमान का मलबा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.

अमेरिकी नौसेना ने दुर्घटना के शिकार ब्लैक बॉक्स की खोज के लिए खास उपकरण भेजे हैं. इनमें पानी के अंदर चलने वाला रोबोटिक पनडुब्बी भी शामिल है. मलेशिया का मानना है कि किसी ने जान बूझ कर विमान को गलत रास्ते पर डाला और बाद में यह दुर्घटना का शिकार हो गया. हालांकि ब्लैक बॉक्स मिलने तक दावे के साथ यह नहीं कहा जा सकता है.

एजेए/एमजे (एएफपी)

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