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विज्ञान

खतरनाक हो सकता है गे ऐप

जो समलैंगिक पुरुष स्मार्टफोन फोन ऐप का इस्तेमाल अपने आस पास सेक्स पार्टनर ढूंढने के लिए करते हैं, उन्हें ऑनलाइन या फिर बार और क्लब में होने वाली मुलाकातों के कारण यौन संचारित रोग होने का खतरा अधिक होता है.

स्मार्टफोन के लिए ऑनलाइन डेटिंग के कई ऐप मौजूद हैं. इनमें ग्राइंडर, स्क्रफ और रेकन समलैंगिकों में काफी लोकप्रिय हैं. ऐप को इस्तेमाल करने के लिए लोकेशन का ऑप्शन ऑन रखना जरूरी है. दरअसल ऐप लोकेशन सुविधा का इस्तेमाल करते हुए यूजर को उन पुरुषों की तलाश में मदद करते हैं जो आस पास ही हैं और सेक्स की चाहत रखते हैं.

बीमारियों का खतरा

लॉस एंजलिस और कैलिफोर्निया में शोधकर्ताओं ने 7,200 समलैंगिक और उभयलिंगी पुरुषों के बीच एक सर्वे किया. 2011 और 2013 के बीच इन पुरुषों ने स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर लगाए. सर्वे में शामिल होने वालों की यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के लिए जांच की गई. इन लोगों से यौन मुलाकातों के दौरान नशीले पदार्थ और सोशल नेटवर्किंग साइट के इस्तेमाल के बारे में सवाल किए गए.

34 फीसदी पुरुषों ने व्यक्तिगत तौर पर अपने यौन साथियों से मुलाकात की जबकि 30 फीसदी पुरुषों ने कई तरह की ऑनलाइन डेटिंग साइट्स और ऐप का इस्तेमाल किया. तुलना करके देखा जाए तो 36 फीसदी ने स्मार्टफोन ऐप का इस्तेमाल या तो अकेले या अन्य तरीकों को मिलाकर किया. ऑनलाइन, क्लब और बार में पार्टनर से मिलने वालों के मुकाबले स्मार्टफोन ऐप का इस्तेमाल करने वाले 23 फीसदी लोग संभव है कि प्रमेह से संक्रमित हों और 35 फीसदी को क्लैमाइडिया होने की संभावना रहती है.

ड्रग्स का सेवन

ऐप इस्तेमाल करने वाले 40 साल तक की उम्र के हैं, पढ़े लिखे हैं और या तो वे एशियाई या फिर श्वेत हैं. जांच में पता चला है कि वे मनोरंजन के लिए कोकीन और एक्सटेसी जैसे ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं. यौन स्वास्थ्यों पर ब्रिटिश जर्नल में यह शोध छपा है. शोध में इस बात को माना गया है कि दक्षिणी कैलिफोर्निया में समलैंगिक पुरुषों के बीच यौन व्यवहार जैसा पैटर्न कहीं और नहीं हो सकता है.

शोध कहता है कि जियोलोकेशन ऐप ने तुरंत सेक्स उपलब्धता और बेनामी सेक्स को बढ़ावा दिया है और साथ ही इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ा है. इससे पहले हुए शोधों से यह पता चला था कि ऐप का इस्तेमाल करने वाले सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल कम ही करते हैं और उनके एक से ज्यादा पार्टनर हो सकते हैं. शोध के लेखक मैथ्यू बेमर के मुताबिक, "टेकनोलॉजी सेक्स ऑन डिमांड को परिभाषित कर रही है."

एए/आईबी (एएफपी)

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