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दुनिया

"खतरनाक होगा ट्रंप का राष्ट्रपति बनना"

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डॉनल्ड ट्रंप लगातार घिरते ही जा रहे हैं. महिलाओं के बारे में विवादास्पद वीडियो सामने आने के बाद अब यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने कहा है कि ट्रंप राष्ट्रपति नहीं बनने चाहिए.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त जायद राद अल हुसैन ने कहा है कि वो किसी भी राजनीतिक प्रचार मुहिम में कोई दखल नहीं देना चाहते हैं, लेकिन जिस तरह के बयान ट्रंप की तरफ से आ रहे हैं, उन्हें देखते हुए लोगों को सावधान जरूर किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "डॉनल्ड ट्रंप जो कुछ कह चुके हैं, उसके आधार पर अगर वो चुन लिए जाते हैं तो मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि यह अंतरराष्ट्रीय नजरिए से बहुत खतरनाक होगा." उनका इशारा पूछताछ के ऐसे तरीकों को फिर से लागू कराने वाले ट्रंप के बयानों की तरफ था जिन्हें कानूनी जानकार उत्पीड़न के बराबर मानते हैं.

उन्होंने कहा है कि ट्रंप ने जिस तरह के बयान मुसलमानों या फिर प्रवासियों के बारे में दिए हैं, उनसे तो यही लगता है कि उनके राष्ट्रपति बनने पर इन लोगों को उनके अधिकारों से वंचित कर दिया जाएगा. उन्होंने ट्रंप की तुलना हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान, फ्रांस की दक्षिणपंथी नेता मारी लेपेन और ब्रेक्सिट के हक में मुहिम चलाने वाले नाइल फराज से की.

जायद ने कहा, "हम एक राजनीतिक कार्यालय नहीं हैं, इसलिए हम राजनीति में पड़ना भी नहीं चाहते हैं, लेकिन जब इससे लोगों और कमजोर लोगों के हित प्रभावित होते हैं, तो हम बोलेंगे. इसलिए हम जो कह रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि उस पर किसी रोक की जरूरत है."

जर्मनी में किशोर मामलों पर शोध करने वाले शिक्षाशास्त्री क्लाउस हुरेलमन को आशंका है कि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार अभियान का किशोरों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा. उनका कहना है कि बड़े होते 13-14 साल के बच्चों के लिए यह "स्पष्ट संकेत है कि वे अपनी आक्रामकता का दायरा बढ़ा सकते हैं." हुरेलमन के अनुसार आम तौर पर बच्चे और किशोर स्कूल में सीखते हैं कि "दूसरे लोगों पर हमला नहीं किया जाता, उन्हें शर्मिंदा नहीं किया जाता, एक दूसरे के साथ न्यायोचित तरीके से पेश आया जाता है." 

बर्लिन में हर्टी स्कूल ऑफ गवर्नेंस में पढ़ाने वाले प्रो. हुरेलमन की शिकायत है कि बच्चे अब टेलिविजन में देख रहे हैं कि अमेरिका में सर्वोच्च पद के उम्मीदवार इन नियमों को तोड़ रहे हैं. उनका कहना है कि खासकर ट्रंप अपने बर्ताव से दिखा रहे हैं कि उन्हें सामाजिक व्यवहार और निष्पक्षता की कोई परवाह नहीं है.

ट्रंप अमेरिका में मुसलमानों के आने पर पूरी तरह रोक लगाने की बात कह चुके हैं. इसके अलावा वो अमेरिका और मेक्सिको की सीमा पर दीवार भी लगाना चाहते हैं. लेकिन इन दिनों उनके एक वीडियो की सबसे ज्यादा चर्चा है जिसमें वो महिलाओं के लिए अश्लील बातें कह रहे हैं. इस मुद्दे पर उनकी अपनी पार्टी के कई नेता उनका साथ छोड़ रहे हैं, बल्कि उनसे उम्मीदवारी से हट जाने तक को कहा जा रहा है. हालांकि ट्रंप ने कहा है कि इसका सवाल ही पैदा नहीं होता है. लेकिन उन पर चारों तरफ से बेहद दबाव है.

एके/वीके (एएफपी)

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