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फीडबैक

क्वेश्चन बॉक्स पर लोगों के जवाब

महाराष्ट्र के शिरूर गांव में लगे 'क्वेश्चन बॉक्स' यानी वो डिब्बा जो आपके सभी सवालों के जवाब देता है और कॉस्मेटिक्स के बढ़ते बाज़ार पर प्रसारित हिंदी कार्यक्रमों पर श्रोताओं के क्या विचार हैं आईये जाने हम भी...

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कल का वेस्ट वॉच अच्छा लगा जिसमें पू्र्व जर्मन राष्ट्रपति, जो कि एक लोकप्रिय राष्ट्रपति थे, ने अपनी आलोचना के चलते ही जल्द इस्तीफा दे दिया, और वहीं हमारे देश के नेता मीडिया की लगातार आलोचना के बाद भी इस्तीफा नहीं देते हैं, हमारे देश के नेताओं को इससे सीखना चाहिए.

चन्दन कुमार , कुल्टी , पश्चिम बंगाल

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इंटरनेट पर सुबह की सभा में कार्यक्रम वेस्ट वॉच सुना. जर्मनी में राष्ट्रपति हॉर्स्ट कोएलर के अचानक इस्तीफे से उत्पन्न परिस्थिति के बारे में सुनने को मिला. मेरे विचार से राष्ट्रपति काफी संवेदनशील मालूम होते है. इस्तीफा देने से पहले उन्हें सोच विचार की काफी आवश्यकता थी क्योंकि जर्मनी जैसे देश में ऐसे बड़े पद के इस्तीफे से देश को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है.

कार्यक्रम लाइफ़लाइन सुना. महाराष्ट्र के शिरूर में माहेर आश्रम में लगाये जाने वाले क्वेश्चन बॉक्स के बारे में जानने को मिला जहां कॉल सेंटर को फ़ोन कर किसी भी सवाल के बारे में जानकारी प्राप्त करने की सुविधा के बारे में पता चला. यह कोशिश देहाती बच्चों के लिए जरुर फायदेमंद साबित होगी और साथ में जर्मन वैज्ञनिकों द्वारा अफ्रीका में अज्ञात जड़ीबूटियों के खोज के प्रयासों के बारे में सुनने को मिला.

संदीप जवाले , मारकोनी डीएक्स क्लब , पारली वैजनाथ , ( महाराष्ट्र )

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मैं आप लोगों का अनुष्ठान नियमित रूप से सुनता हूं. डॉयचे वेले का हिंदी कार्यक्रम मेरे को बहुत आकर्षित करता है. प्रिया द्वारा अंतरा में कॉस्मेटिक्स को लेकर चर्चा, ईरान और भारत तथा दूसरे देशों में कॉस्मेटिक्स के व्यापार के बारे में आलोचना बहुत अच्छा लगा. अनवर द्वारा मैच प्वाइंट में भारत में अर्जेंटीना टीम के समर्थकों को लाकर चर्चा अच्छी लगी. डॉयचे वेले हिंदी अच्छे विषयों पर चर्चा करता है जो बहुत ज्ञानवर्धक होते है और सबसे हटकर होते है. इसके साथ साथ कार्यक्रम को प्रियाजी की आवाज़ और भी मज़बूत करती है.

पंकज बिहानी , गावं गौरंगापुर , मेदिनीपुर , पश्चिम बंगाल

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अंतरा में कॉस्मेटिक्स के बढ़ते बाज़ार पर चर्चा और इसके अंतर्गत कॉस्मेटिक्स के इतिहास पर संक्षिप्त नज़र और कॉस्मेटिक्स के बारे में ईरान के कानून और नियमों के बारे में जानने को मिला जिससे काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली .

सविता जावले, मारकोनी डीएक्स क्लब, पारली वैजनाथ, (महाराष्ट्र)

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Biene Blume

खोज कार्यक्रम में मधुमखियों को मार डालेगा मोबाइल फोन पर चर्चा सुन कर हम सभी क्लब सदस्यों का मन दुखी हो गया. क्या सचमुच भविष्य में रंग बिरंगी मनमोहक तितलियों को हम केवल चित्रों के रूप में ही देख पाएंगे. यह सच है कि धीरे धीरे इस धरती से जुगनू, गौरेया, तितलियां, कौवे और कोयल कम होते जा रहे है. और अगर अभी भी मानव ने अपनी सुंदर पृथ्वी और इसके पर्यावरण को बचाने का प्रयास नहीं किया तो भविष्य में बहुत से सुंदर पशु पक्षी व उपयोगी वृक्षों को हम हमेशा के लिए खो देंगे.

समाचार नौकरशाही में भारत सबसे ऊपर बहुत ही कटु सत्य को उज्जागर करता है. यह बिल्कुल सच है कि उपयोगी योजनाएं व महत्वपूर्ण प्रयास लालफीताशाही के चक्कर में पड़कर अपना दम तोड़ देते हैं. आदमी सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते लगाते थक जाता है, परन्तु उसे उचित न्याय नहीं मिलता. और उसे अनेक उपयोगी सरकारी योजनाओ का लाभ लेने के लिए भ्रष्टाचार व सिफारिश का सहारा लेना पड़ता है. आज सूचना का अधिकार कानून आ जाने से नौकरशाही की लालफीता प्रवृति पर कुछ लगाम तो अवश्य लगी है. अभी भी बहुत सुधार की आवश्कता है. हम सभी भारतीय चाहते हैं कि भारत में लालफीताशाही का पूरी तरह से अंत हो व एक स्वच्छ साफ़ व पारदर्शी शासन व्यवस्था हो.

रविन्द्र कुमार शुक्ला, युवा दर्पण यूथ क्लब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

रिपोर्टः विनोद चढ्डा

संपादनः आभा मोंढे