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जर्मन चुनाव

क्वात्रोकी के खिलाफ केस वापस लेगी सीबीआई

करोड़ों रुपये के बोफोर्स दलाली कांड में सीबीआई ने इतालवी व्यापारी ओत्तावियो क्वात्रोकी के खिलाफ मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है. जांच एजेंसी का कहना है कि इनकम टैक्स मामले के बाद उसे कोई नया निर्देश नहीं मिला है.

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गांधी परिवार के करीबी हैं क्वात्रोकी

नई दिल्ली में चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विनोद यादव की अदालत में जैसे ही केस शुरू हुआ, सुप्रीम कोर्ट के वकील अजय अग्रवाल ने दलील दी कि इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद इस मामले को दोबारा सुना जाना चाहिए. सीबीआई ने पहले ही केस बंद करने की अपील की थी, जिसे अग्रवाल ने चुनौती दी है.

इसके बाद जज ने सीबीआई की पैरवी कर रहे अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल पीपी मल्होत्रा से पूछा कि क्या इस मामले में उन्हें कोई नया निर्देश मिला है. मल्होत्रा ने कहा कि उन्हें 70 साल के क्वात्रोकी के बारे में कोई निर्देश नहीं दिया गया है और उन्होंने कहा कि क्वात्रोकी के खिलाफ मामला वापस ले लिया जाना चाहिए.

लगभग ढाई दशक पुराने बोफोर्स कांड में इतालवी कारोबारी ओत्तावियो क्वात्रोकी पर दलाली लेने के आरोप हैं. भारत ने राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए स्वीडन की कंपनी से बोफोर्स तोपों का सौदा किया, जिस पर बाद में सवालिया निशान लगे और कहा गया कि सौदे के लिए क्वात्रोकी और विन चड्ढा को दलाली दी गई. क्वात्रोकी नेहरू गांधी परिवार के करीबी रहे हैं.

Indischer Soldat mit Bofor Waffe

बोफोर्स तोपें

इस मामले में इनकम टैक्स विभाग के एक ट्रिब्यूनल ने सोमवार को आदेश दिया कि विन चड्ढा और ओत्तावियो क्वात्रोकी को 41 करोड़ रुपये की दलाली दी गई और उन्हें इस मामले में भारत में टैक्स अदा करना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट के वकील अजय अग्रवाल ने अदालत में कहा कि भारत के कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने बयान दिया है कि इस मामले को दोबारा से देखा जाएगा. इस बात को सुनने के बाद अदालत ने अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल से पूछा कि इस मामले में सरकार की क्या राय बनती है.

चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने पूछा, "कानून मंत्री के बयान पर मैं आपकी प्रतिक्रिया जानना चाहता हूं." मल्होत्रा ने कहा कि उन्हें इस बयान के बारे में पता नहीं है और मामला वापस लेने का केस सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर ही किया गया है.

दरअसल सीबीआई पहले ही इस मामले को बंद करने की अपील कर चुकी है, जिस पर दिसंबर में अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था. इसकी अगली सुनवाई आज होनी तय थी. पर इसी बीच इनकम टैक्स के एक आदेश ने क्वात्रोकी मामले को नए सिरे से गर्मा दिया.

अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट में यह मुकदमा लड़ रहे हैं और सीबीआई ने जब केस वापस लेने की अर्जी दी तो वे ट्रायल कोर्ट पहुंचे. उनका कहना है कि सरकार और सीबीआई पर्याप्त सबूतों के बाद भी क्वात्रोकी के खिलाफ केस बंद करना चाह रहे हैं.

सीबीआई ने केस बंद करने की दलील देते हुए कहा था कि तमाम कोशिशों के बाद भी क्वात्रोकी को अदालत के सामने पेश नहीं किया जा सका और इस मामले के दूसरे आरोपियों की या तो मौत हो चुकी है या फिर दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है.

सीबीआई दो बार क्वात्रोकी को भारत प्रत्यर्पित कराने में नाकाम रही है. एक बार 2003 में मलेशिया से और दूसरी बार 2007 में अर्जेंटीना से. पिछले साल नवंबर में सीबीआई ने इंटरपोल से कहा था कि वह क्वात्रोकी का नाम रेड कॉर्नर लिस्ट से हटा ले.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः ए कुमार

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