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मनोरंजन

क्रू के निलंबन को सोनू ने असहिष्णुता बताया

सोनू निगम का जेट एयरवेज फ्लाइट के दौरान इंटरकॉम पर गीत गाना फ्लाइट के क्रू को महंगा पड़ा. जेट एयरवेज ने ट्विटर पर कहा कि पूरे केबिन क्रू को निलंबित कर दिया गया है और इस मामले में अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि ट्वीट में यह नहीं कहा गया है कि केबिन क्रू के निलंबन के पीछे सोनू निगम के फ्लाइट के दौरान इंटरकॉम पर गाने की घटना वजह है. विमानन सुरक्षा के लिए जिम्मेदार नागिरक उड्डयन महानिदेशालय ने जेट एयरवेज को इंटरकॉम के दुरुपयोग के लिए विमानकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिेए.

घटना तब हुई जब सोनू निगम जोधपुर से मुंबई जाने वाली फ्लाइट पर सवार थे. सहयात्रियों के कहने पर उन्होंने विमान के इंटरकॉम पर 'पंछी नदिया पवन के झोंके' और 'दो पल रुका ख्वाबों का कारवां' गीत सुनाए. जैसा कि यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो में देखा भी जा सकता है. सोनू निगम का वीडियो विमान पर सवार लोगों ने बनाया और बहुत जल्द ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

जेट एयरवेज द्वारा केबिन क्रू को निलंबित किए जाने ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी. हालांकि कुछ ही घंटे बाद विमान कंपनी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि केबिन क्रू को सेफ्टी पॉलिसी के तहत निलंबित किया गया है. वे उपयुक्त विवरण और ट्रेनिंग दिए जाने के बाद ड्यूटी पर लौट सकेंगे.

जहां एक ओर विमान के सुरक्षा संबंधी नियमों के पालन को अहम बताया जा रहा है वहीं सोनू ने इस घटना को वास्तविक असहिष्णुता कहा. उनके मुताबिक जिस समय उन्होंने यात्री उद्घोषणा के लिए इस्तेमाल होने वाले इंटरकॉम सिस्टम का इस्तेमाल गाने के लिए किया उस समय विमान में किसी प्रकार की उद्घोषणा की जरूरत नहीं थी. उन्होंने कहा, "मैंने विमान में व्यापक फैशन शो देखा है...मैंने अन्य देशों में पायलटों और क्रू सदस्यों को यात्रियों को बेफिक्र महसूस कराने के लिए चुटकुले सुनाते, हंसी मजाक करते देखा है, जो कि कूल है."

सोनू ने जो कुछ कहा वैसा ही कुछ इस वीडियो में भी देखा जा सकता है. 2012 में 26 जनवरी यानी भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर फिन एयर के क्रू सदस्यों ने विमान के अंदर बॉलीवुड फिल्म ओम शांति ओम के गीत पर नृत्य कर यात्रियों का मनोरंजन किया था.

हाल में भारत में असहिष्णुता का मुद्दा चर्चा में रहा है. बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और आमिर खान अपने बयानों के चक्कर में आलोचना के केंद्र में आ गए. सोशल मीडिया पर इस विषय पर बहस को खूब बढ़ावा मिला. पिछले दिनों जयपुर साहित्य मेले के दौरान फिल्म निर्माता करण जौहर और अभिनेत्री काजोल ने भी भारत में अभिव्यक्ति की आजादी पर खतरा होने की ओर संकेत किया था. करण ने कहा था कि आप जो सोच रहे हैं भारत में उसे कह देना आपको जेल पहुंचा सकता है. करण ने भारत में लोकतंत्र को मजाक भी बताया था जिसके बाद वह भी विवादों के घेरे में आ गए.