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जर्मन चुनाव

क्रिस्टियान वुल्फ होंगे जर्मनी के नए राष्ट्रपति

तीसरे दौर तक खिंचे जर्मन राष्ट्रपति चुनाव में सत्तारुढ़ गठबंधन के उम्मीदवार क्रिस्टियान वुल्फ ने जीत हासिल की है. दो दौर के मतदान में पूर्ण बहुमत न मिलने की वजह से तीसरे दौर में हुआ फैसला. तीसरे दौर में मिले 625 मत.

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लंबे इंतजार के बाद

वुल्फ जर्मनी के लोअर सैक्सनी प्रांत के मुख्यमंत्री हैं. 31 मई को हॉर्स्ट कोएलर ने अचानक इस्तीफा दे दिया था. चांसलर अंगेला मैर्केल के लिए यह चुनाव परीक्षा की घड़ी साबित हुआ क्योंकि उनके सहयोगी वुल्फ को पूरी तरह समर्थन देते नहीं दिखे. सीडीयू, सीएसयू और एफडीपी ने क्रिस्टियान वुल्फ को अपना उम्मीदवार घोषित किया था.

पहले दौर के मतदान के बाद राष्ट्रपति पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे क्रिस्टियान वुल्फ को सिर्फ 600 वोट ही मिल पाए जो पूर्ण बहुमत से 23 वोट कम हैं. दूसरे दौर के मतदान के बाद वुल्फ की बढ़त में इजाफा हुआ और उन्हें 615 वोट मिले लेकिन पूर्ण बहुमत से वह फिर भी दूर रहे. आखिरकार तीसरे दौर में उन्हें 625 मत मिल ही गए और जीत का सेहरा उनके सिर बंधा.

राष्ट्रपति चुनाव के लिए विशेष रूप से गठित संघीय सभा ने उनका चुनाव किया. इसमें 1244 सदस्य हैं - राष्ट्रीय संसद बुंडेसटाग के 622 सदस्य, तथा आबादी के हिसाब से प्रतिनिधित्व के आधार पर प्रादेशिक विधायिकाओं द्वारा चुने गए बाक़ी 622 सदस्य. पहले या दूसरे दौर में जीत के लिए 623 सदस्यों का समर्थन ज़रूरी है, जबकि तीसरे दौर में सबसे अधिक मत पाने वाले को चुन लिया जाएगा.

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संघीय सभा में सत्तारूढ़ मोर्चे के 644 सदस्य हैं, लेकिन उनके उम्मीदवार क्रिस्टियान वुल्फ़ को केवल 600 मत मिले. दूसरी ओर, एसपीडी और ग्रीन दल द्वारा समर्थित उम्मीदवार योआखिम गाउक को 499 मत मिले. संघीय सभा में एसपीडी और ग्रीन के 462 सदस्य हैं, लेकिन दो सदस्य स्वास्थ्य संबंधी कारण से उपस्थित नहीं हैं.

इसका मतलब है कि गाउक को अन्य खेमों से 39 मत मिले हैं. इसी प्रकार वामपंथी उम्मीदवार लुक योखिमसेन को 126 मत मिले हैं, हालांकि सभा में वामपंथी पार्टी के केवल 124 मत हैं. इन दोनों को मिले कुल मत 625 हो जाते हैं.

विपक्षी नेता पहले से ही कह रहे थे कि दूसरे दौर में भी वुल्फ़ को आवश्यक मत नहीं मिल पाएंगे. .

वामपंथी पार्टी के नेता ग्रेगोर गीज़ी का कहना था कि उनकी पार्टी के लिए बाकी दोनों उम्मीदवार अस्वीकार्य हैं. ग्रीन पार्टी के नेता युर्गेन ट्रिटिन ने कहा कि सारा दारोमदार तीसरे दौर में वामपंथी पार्टी के रुख पर है. सीडीयू के फ़्रांत्ज़ योज़ेफ़ युंग ने कहा है कि पहले दौर का नतीजा उनके लिए निराशाजनक है.

रिपोर्ट: उज्ज्वल भट्टाचार्य

संपादन: राम यादव

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