क्रिकेट को सही दिशा में ले जाना जरूरी: सचिन | खेल | DW | 01.09.2010
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खेल

क्रिकेट को सही दिशा में ले जाना जरूरी: सचिन

पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर लगे मैच फिक्सिंग के आरोपों ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को आहत किया. सचिन के मुताबिक ऐसे मामलों से दुनिया भर में क्रिकेट और क्रिकेटरों की छवि को धक्का लग रहा है.

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20 साल से क्रिकेट के मैदान पर साफ सुथरी छवि के साथ डटे सचिन ने मैच फिक्सिंग के ताजा मामले पर मायूसी जताते हुए कहा, ''इससे क्रिकेट और क्रिकेटरों के बारे में अच्छी छवि नहीं बनती है. यह ऐसा मामला है जिसे हर कोई मिटाना चाहता है. जरूरी है कि क्रिकेट को सही दिशा में ले जाया जाए ताकि दुनिया में खेल का प्रसार हो.''

दुनिया भर में इस वक्त पाकिस्तानी टीम की मैच फिक्सिंग का मामला छाया हुआ है. क्रिकेट की खबरों से परहेज करने वाला यूरोपीय मीडिया भी बढ़ चढ़कर फिक्सिंग के आरोपों वाली खबरें छाप रहा है. आईपीएल के भ्रष्टाचार के बाद इस ताजा मामले ने क्रिकेट को शर्मसार कर दिया है.

Sachin Tendulkar Cricket Spieler Indien

मास्टर ब्लास्टर मानते हैं कि खेल को बचाने में खिलाड़ियों की ईमानदारी बड़ी भूमिका निभा सकती है. अपने बचपन को याद करते हुए उन्होंने कहा, ''मेरे पिता का मुझ पर सबसे ज्यादा प्रभाव रहा. उन्होंने मेरे जीवन पर बड़ी छाप छोड़ी. परिवार की परंपराओं और संस्कारों ने आज मुझे यहां तक पहुंचाया है.''

सचिन के मुताबिक उनके जीवन का सबसे कठिन लम्हा 1999 में आया. इंग्लैंड में वर्ल्ड कप खेलने के दौरान उनके पिता का निधन हो गया. 11 साल पुराने अनुभव को ताजा करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ''वह मेरी जिंदगी का सबसे कठिन समय था. मैं वर्ल्ड कप के बीच में ही इंग्लैंड से आया. लेकिन मां, पत्नी, भाइयों और अन्य लोगों ने मुझसे कहा कि पिताजी चाहते थे कि मैं वापस इंग्लैंड जाऊं और क्रिकेट खेलूं. मैंने यही किया.'' क्रिकेट प्रेमियों को आज भी वह पल याद है. पिता के निधन के बाद लौटे सचिन ने जबरदस्त शतक जड़ा और काफी देर तक वह आकाश को देखते रहे. उन्होंने इसी अंदाज में अपने पिता को श्रद्धाजंलि दी.

एक भारतीय चैनल के विशेष कार्यक्रम में शिकरत करने वाले शतकों के सारथी सचिन ने दिल खोलकर कई अन्य बातें भी कहीं. संन्यास को लेकर उन्होंने कहा, ''मैंने अभी इस बारे में नहीं सोचा है. अभी संन्यास की कोई योजना नहीं है. जब मैं संन्यास का फैसला करुंगा तो आपको बता दूंगा.''

रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह

संपादन: महेश झा

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