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खेल

क्रिकेटमय भारत में फुटबॉल लोकप्रिय करने की कोशिश

क्रिकेट के दीवाने भारत में भी अब फुटबॉल वर्ल्ड कप का बुखार चढ़ रहा है और उम्मीद की जा रही है कि दक्षिण अफ्रीका में हो रहे वर्ल्ड कप के जरिए भारत में भी खेल की लोकप्रियता नए पायदान चूमेगी. हाल के दिनों में बदला है माहौल.

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कोलकाता में भारत ने जर्मनी के नामी फुटबॉल क्लब बायर्न म्यूनिख के साथ मैच खेला. इसके अलावा मैनचेस्टर यूनाइटेड भी मुंबई में स्पोर्ट्स बार खोल चुकी है. फुटबॉल संस्था फीफा के अधिकारियों का कहना है कि खेल का भविष्य अब पूर्व में है. फीफा प्रमुख सेप ब्लैटर ने दो साल पहले अपनी भारत यात्रा में कहा कि शुरूआत अब होनी चाहिए. वह एक सोते हुए भीमकाय प्राणी को जगाना चाहते हैं. उनका इशारा भारत में फुटबॉल की दीवानगी को हवा देने का था.

Fußball als Weg aus dem Elend

भारत के दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में फुटबॉल लोकप्रिय है लेकिन क्रिकेट अब तक इस लोकप्रियता पर ग्रहण लगाता रहा है. लेकिन फुटबॉल जगत के बड़े नाम मानते हैं कि आने वाले समय में दक्षिण एशिया एक मोर्चा बनकर उभर सकता है. इंग्लैंड में पूर्व कम्युनिटी कोच बिल एडम्स ने दिल्ली में प्रशिक्षण केंद्र 12 साल पहले शुरू किया. उस समय उनके कैंप में सिर्फ 8 बच्चे थे लेकिन उनकी सुपर एकेडमी में अब बच्चों की संख्या बढ़कर 200 हो चुकी है.

बिल एडम्स का कहना है, "हमने कभी नहीं सोचा था कि बच्चे इस खेल को इतना पसंद करने लगेंगे. अधिकतर बच्चे बड़े होकर पेशेवर फुटबॉल खेलना चाहते हैं." एडम्स दिल्ली के उन स्कूलों में भी जाते हैं जहां फुटबॉल पर ध्यान दिया जाता है. वैसे भारत में फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता टीवी रेटिंग से भी पता लगती है जो पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही है.

मीडिया रिसर्च संस्था टैम के मुताबिक क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में फुटबॉल लोकप्रियता के मामले में नंबर 1 है. भारत में 8 करोड़ से ज्यादा दर्शक फुटबॉल देखते हैं और उनमें से 55 फीसदी घरेलू लीग देखना पसंद करते हैं. 2005 से फुटबॉल मैचों को विज्ञापन भी मिले हैं और इसमें तीन गुना बढ़ोत्तरी हुई है. भारतीय फुटबॉल टीम के लिए ये आंकड़े निश्चित रूप से उत्साह बढ़ाने वाले हैं. फिजी और बरमूडा के साथ भारत फुटबॉल में 133वें नंबर की टीम है.

हालांकि टीम ने पिछले कुछ समय में उम्मीदें बंधाई हैं और कतर में एशियन कप के लिए क्वालीफाई कर गई है. पिछले 24 सालों में पहली बार है जब भारत ने एशियन कप के लिए क्वालीफाई किया है. आई लीग में मुंबई के लिए खेलने वाले अभिषेक यादव कहते हैं कि भारत के बाहर अब भारतीय खिलाड़ियों को गंभीरता से लिया जाने लगा है. आई लीग को 2007 में शुरू किया गया और इसे भारत की टॉप पेशेवर लीग माना जाता है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: महेश झा

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