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दुनिया

क्राउडसोर्सिंग से मिल सकता है लापता विमान

एमएच370 विमान को गायब हुए 12 दिन हो चुके हैं. ये कहां और कैसे गायब हुआ है, इसके बारे में कई थ्योरियां सामने आई हैं. अब क्राउडसोर्सिंग के जरिए लाखों लोग इस विमान को ढूंढने में लगे हैं.

मालदीव के अधिकारी इस रिपोर्ट की जांच कर रहे हैं कि मलेशियाई एयरलाइंस का विमान लापता होने के समय द्वीप के लोगों ने नीचे उड़ता हुआ जंबो जेट देखा था. हालांकि वहां की राष्ट्रीय सेना ने कहा कि एमएच370 उनके राडार पर नहीं दिखाई दिया. जांचकर्ताओं का ध्यान इस पर तब गया जब हावीरू नाम की न्यूज वेबसाइट ने कहा कि कई स्थानीय लोगों ने दक्षिणी द्वीप कूडा हुवाधू पर उड़ता हुआ बड़ा विमान आठ मार्च को देखा.

साथ ही यह खबर भी है कि हैदराबाद के एक आईटी छात्र ने क्राउडसोर्सिंग के तहत एक सैटेलाइट इमेज पेश की है जिसमें एक विमान अंडमान द्वीप पर उड़ता देखा जा सकता है.

हावीरू नाम की वेबसाइट पर चश्मदीद के हवाले से लिखा था कि उसने कूडा हुवाधू पर एक सफेद प्लेन देखा जिस पर लाल पट्टियां थीं और यह मालदीव के दक्षिणी छोर की ओर जा रहा था. चश्मदीद के मुताबिक, "मैंने द्वीप पर इतने नीचे उड़ता हुआ विमान कभी नहीं देखा. समंदर पर उड़ने वाले छोटे विमान हमने देखे हैं लेकिन वो वैसा नहीं था. मैं विमान के दरवाजे भी साफ देख सकता था."

वेबसाइट के लिए काम करने वाले पत्रकार फराह अहमद ने भी कई लोगों के हवाले से कहा है कि लोगों ने बहुत जोर की आवाज सुनी और वे बाहर देखने आए कि यह आवाज किसकी है.

क्राउडसोर्सिंग की मदद

26 देशों की सेना, नौसेना और सैटेलाइटों की मदद के बाद भी इस विमान का कहीं कोई सुराग नहीं मिल रहा है. अब मदद ली जा रही है क्राउडसोर्सिंग की. दुनिया भर के करीब 30 लाख लोग इस प्लेन की तलाश में लगे हुए हैं. सैटेलाइट कंपनी डिजिटल ग्लोब ने सोमवार को जानकारी दी कि करीब तीस लाख लोग उसके प्लेटफॉर्म को प्लेन ढूंढने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.

इस वेबसाइट पर करीब 25 लाख "मैप व्यू" हैं. क्राउडसोर्सिंग के तहत बहुत सारे लोग, एक ही लक्ष्य पर काम करते हैं, खासकर तब जब बहुत सारा डाटा मौजूद हो और उसकी छानबीन करनी हो. लोग सैटेलाइट इमेज पर क्लिक करके बता सकते हैं कि उन्हें कहीं तेल या हवाई जहाज जैसा ढांचा तो दिखाई नहीं दे रहा है.

अगर इस दौरान सुराग मिल जाते हैं तो तलाश सीमित की जा सकती है. हैयान तूफान के दौरान भी सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई थीं. उस समय लोगों की तलाशी और राहत के लिए इस तरीके का सहारा लिया गया था. अभी विमान की तलाश में 11 मार्च के लिए इतने लोगों ने इस वेबसाइट को क्लिक किया कि थोड़े समय के लिए सर्वर ही डाउन हो गया.

डिजिटल ग्लोब

इस तरह के वेबसाइट क्राउडरैंक नाम के प्रोग्राम से ऐसे सुराग पता लगाते हैं जहां बहुत सारे लोगों ने क्लिक किया हो. कुछ लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने प्लेन ढूंढ लिया है. जानकार क्राउडसोर्सिंग को अच्छी मदद मानते हैं. हाल ही में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक नासा की वेबसाइट पर जारी चांद की सैटेलाइट तस्वीरों में आम लोगों ने भी उतने की गड्ढे तलाशे जितने अमेरिकी खगोलविदों ने.

रिपोर्टः आभा मोंढे (एएफपी, डीपीए)

संपादनः ईशा भाटिया