1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

विज्ञान

क्या यही होगी एड्स के खिलाफ सबसे कारगर थेरेपी

जर्मन वैज्ञानिकों ने जानलेवा बीमारी एड्स के इलाज के लिए एक ऐसी जेनेटिक कैंची बनाने में सफलता पाई है, जिससे एचआईवी प्रभावित लोगों के इलाज में बड़ी सफलता मिल सकती है.

जर्मन वैज्ञानिकों ने बताया है वे अपनी प्रयोगशाला में एक ऐसा जेनेटिक इलाज विकसित करने में सफल रहे हैं जो एड्स पैदा करने वाले वायरस को मार सकता है. हैम्बर्ग के हाइनरिष पेटे इंस्टीट्यूट और ड्रेसडेन यूनिवर्सिटी के फ्रांक बूखहॉल्त्स के वैज्ञानिकों की टीम ने नेचर बायोटेक्नोलॉजी जर्नल में अपनी खोज को प्रकाशित किया है.

वैज्ञानिकों ने कोशिका के स्तर पर काम करने वाली एक ऐसी कैंची विकसित की है जिससे वे एड्स के मरीज की एचआईवी कोशिकाओं के जेनेटिक पदार्थ को काट कर अलग कर सके. इसके बारे में बताते हुए जर्मनी के एड्स राहत संगठन डॉयचे एड्स हिल्फे के मेडिकल सलाहकार आर्मीन शाफबेर्गेर ने कहा, "यह रिसर्च काफी आशाजनक है."

इसे इंसानों पर टेस्ट किए जाने के सवाल पर शाफबेर्गेर ने जवाब दिया, "सवाल यह है कि ऐसा किस पर किया जाए? आपको ऐसे लोगों की जरूरत होती है जो शोधकार्य के लिए जोखिम उठाने को तैयार हों." किसी भी जेनेटिक तरीके को आजमाने से लोग हमेशा डरते हैं. इसके अलावा एचआईवी संक्रमित लोगों को आज भी कई बार शर्मिंदा महसूस कराया जाता है. इसे लेकर जागरुकता अभियानों को तेज करने पर भी लगातार काम जारी है.

अभी इस थेरेपी पर केवल बुनियादी अनुसंधान हुआ है, और कुछ उपलब्ध मॉडलों पर इसे टेस्ट भी किया गया है. अगर यह तरीका आगे के चरणों में भी सफल होता है तो इससे एड्स के मरीज और भी लंबा जीवन जी सकेंगे.

आरपी/आईबी (डीपीए)

DW.COM

संबंधित सामग्री