1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

क्या मोदी सबसे कमजोर प्रधानमंत्री हैं?

दो भारतीय सैनिकों के शवों को क्षत विक्षत किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना हो रही है.

सोशल मीडिया पर #ModiWeakestPMever के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक का सबसे कमजोर प्रधानमंत्री बताया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने अपने शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तान सहित दक्षिण एशिया के सभी देशों के नेताओं को बुलाकर संबंधों को सुधारने की पहल की थी लेकिन पाकिस्तान के साथ रिश्ते लगातार बिगड़ते गये हैं और उत्तरी सीमा पर गोलीबारी और सैनिकों को मारने की नियमित घटनायें हुईं हैं.

भारतीय सेना ने अपने दो सैनिकों के शवों को क्षत विक्षत करने का आरोप पाकिस्तानी सैनिकों पर लगाया है. हालांकि पाकिस्तानी सेना ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है. लेकिन भारत में सोशल मीडिया पर जहां इसके लिए पाकिस्तान को ही जिम्मेदार करार दिया जा रहा है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी तीखी आलोचना झेलनी पड़ रही है.

ये भी पढ़ें: "पाकिस्तान से 15 दिन भी नहीं लड़ सकता भारत"

कई लोगों ने विभिन्न आंकड़ों का हवाला देते हुए कश्मीर और पाकिस्तान के मुद्दे पर मोदी सरकार के रवैये को ढीला बताया है. ट्विटर यूजर विनय कुमार डोकानिया ने एक कार्टून शेयर करते हुए लिखा है कि क्यों प्रधानमंत्री मोदी को कमजोर प्रधानमंत्री कहा जा रहा है.

राहुल गांधी की एक समर्थक ने ट्वीट किया है, "मोदी सिर्फ भारत में नफरत फैला कर भारतीयों को लड़ा सकते हैं. जब बात पाकिस्तान से लड़ने की आती है तो मोदी गायब हो जाते हैं.”

सिम्मी नाम की यूजर ने लिखा है, "पीएम के पास असल मुद्दों के बारे में बात करने के लिए समय नहीं है. वह रैलियों, चुनावों, रोमियो दस्ते और गाय संबंधी उपद्रव में व्यस्त हैं.”

सेंट सिनर नाम के एक यूजर ने एक कार्टून शेयर किया जिसमें मोदी की लोकप्रियता को एक गुब्बारे से ज्यादा कुछ नहीं बताया गया है. 

वहीं सरताज अहमद केंद्र की सरकार पर भारतीय सेना को लज्जित करने का आरोप लगाते हैं.

डॉ. अशोक चौधरी लिखते हैं कि सिर्फ निंदा करने से कुछ नहीं होगा.

फौजी विजय नाम के एक ट्विटर यूजर ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम पर तंज किया है.

कई लोगों ने प्रधानमंत्री बनने से पहले पाकिस्तान को लेकर मोदी के बयानों की याद दिलायी है तो कई लोग सेना को "फ्रीहैंड" देने की बातें कहने से भी नहीं हिचक रहे हैं. कुल मिलाकर दो भारतीय सैनिकों की हत्या के इस मामले ने दोनों देशों के बीच तनाव में कुछ और इजाफा कर दिया है.

DW.COM

संबंधित सामग्री