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दुनिया

क्या फिर खटाई में पड़ेगी भारत-पाक वार्ता

भारत पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता एक बार फिर खटाई में पड़ती दिख रही है. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने कहा पाकिस्तान के साथ तब तक वार्ता नहीं होगी जब तक पठानकोट हमले पर पाकिस्तान ठोस कदम नहीं उठाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस बात के संकेत सामने आए कि भारत और पाकिस्तान के बीच पंद्रह जनवरी से होने वाली विदेश सचिव स्तरीय वार्ता रद्द भी हो सकती है. डोवाल ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि उन्होंने द्विपक्षीय बातचीत रद्द होने जैसी घोषणा नहीं कि है और साफ किया कि, "अगर पाकिस्तान कार्रवाई करता है तो ही हम बात करेंगे."

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा था, "जहां तक हमारी बात है गेंद अब पाकिस्तान के पाले में है. हमारे सामने तात्कालिक मुद्दा आतंकवादी हमले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और इस बारे में अभियोज्य खुफिया जानकारी मुहैया कराया जाना है."

अफगानिस्तान यात्रा से वापसी के दौरान 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान में नवाज शरीफ से मिलते हुए आए थे जिसके बाद से ही दोनों देशों के संबंधों की बेहतरी की दिशा में कुछ संकेत मिले थे. पठानकोट हमले के एक हफ्ते पहले ही दोनों देशों के विदेश सचिवों की बातचीत के लिए 15 जनवरी की तारीख का एलान किया गया था.

लेकिन पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले ने हालात फिर नाजुक बना दिए हैं. भारत ने पाकिस्तान से मामले की छानबीन और जरूरी सहयोग की मांग की है. 2 जनवरी को हुए इस हमले में छह आतंकवादियों के हाथों भारत के सात सैनिक मारे गए और 20 घायल हो गए थे. ये आतंकवादी पाकिस्तान से सीमा पार कर आए थे. सुरक्षा दल के हाथों सभी 6 आतंकी मारे गए. विकास स्वरूप ने कहा, "पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद एक बार फिर केंद्र में आ गया है."

रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने सेना के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा है कि वे जिन्होंने भारत को दर्द पहुंचाया है, "वे भी दर्द महसूस करेंगे." 68वें सैन्य दिवस के मौके पर अपने भाषण में पार्रिकर ने कहा, "अगर कोई इस देश को नुकसान पहुंचाता है, मेरे ख्याल में उस व्यक्ति या संगठन - मैंने विशेष रूप से कह रहा हूं व्यक्ति या संगठन - को भी समान पीड़ा मिलनी चाहिए. जब तक दर्द उन तक नहीं पहुंचेगा, उन्हें हमें दर्द देने में हमेशा मजा आता रहेगा."

उनकी इस टिप्पणी पर स्पष्टीकरण मांगे जाने पर पार्रिकर ने पत्रकारों से कहा, "इतिहास गवाह है, वे जो आपको नुकसान पहुंचाते हैं, उन्हें जब तक खुद पता नहीं चलता कि वे किस तरह का दर्द दे रहे हैं, वे बदलते नहीं हैं."

भारत पठानकोट हमले के लिए आतंकवादी संगठन जैश ए मुहम्मद को जिम्मेदार मानता है. भारत ने पाकिस्तान से शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की है. साथ ही भारत ने पाकिस्तान को आतंकवादी घटना से संबंधित फोन कॉल्स का ब्यौरा भी दिया है.

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