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दुनिया

क्या ट्रंप और पुतिन मिल कर रोक सकते हैं सीरिया युद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सीरिया युद्ध को रोकने के विषय पर 'काफी अच्छी' बातचीत हुई है. देखिए कैसे निकल सकता है युद्ध रोकने का रास्ता.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने रूसी समकक्ष पुतिन के साथ फोन पर सीरिया के विषय में बातचीत की. व्हाइट हाउस की मानें तो दोनों नेताओं के बीच काफी अच्छी वार्ता हुई. उन्होंने सीरिया में युद्ध रोकने के अलावा उत्तर कोरिया के साथ खतरनाक होती जा रही स्थिति से निपटने के बारे में भी बात की.

इस दौरान दोनों नेताओं ने पूरे मध्य पूर्व इलाके से आतंकवाद का खात्मा करने के बारे में भी मिल कर काम करने पर चर्चा की. व्हाइट हाउस की ओर से दी गयी जानकारी में कहा गया कि "राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति पुतिन इस बात पर सहमत हैं कि सीरिया में बहुत लंबे समय से हालात खराब बने हुए हैं और सभी पक्षों को साथ आकर हिंसा रोकने के लिए जो भी करना पड़े, करना चाहिए."

ट्रंप-पुतिन वार्ता में सीरिया में सुरक्षित जोन बनाये जाने, तनाव को घटाने जैसे कई कदम उठाने की जरूरत पर बात हुई, जिससे वहां लोगों के जीने लायक स्थिति बन सके. अमेरिका की ओर से एक प्रतिनिधि 3 और 4 मई को कजाखस्तान के अस्ताना में सीरिया पर होने वाली अगली संघर्षविराम वार्ता में हिस्सा लेगा.

पुतिन ने ट्रंप को इन मुद्दों पर आमने सामने बैठकर और विस्तार से बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया. दोनों नेता जुलाई में जर्मन शहर हैम्बर्ग में जी 20 सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचेंगे. इस दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात होगी. पद संभालने के बाद से ट्रंप और पुतिन कम से कम तीन बार बातचीत कर चुके हैं. 

इसी साल फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन को पद से इस्तीफा देना पड़ा था. उन पर बीते साल उप राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों को अंधेरे में रखकर रूस के राजदूत से बात करने के आरोप लगे. 29 दिसंबर को तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रूस पर अमेरिकी चुनावों में दखल देने का आरोप लगाया. उस दिन भी फ्लिन ने रूस के राजदूत सेर्गेई किसिलियाक से टेलीफोन पर बात की थी.

आरपी/ओएसजे (पीटीआई)

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