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मंथन

क्या उम्र का लिंग से संबंध है?

क्या महिलाएं पुरुषों से लंबा जीती हैं? आम धारणा यही है, लेकिन एक जर्मन वैज्ञानिक ने जब इसकी हकीकात की तो बिल्कुल अलग जानकारी सामने आई.

जर्मनी का एक ईसाई मठ. ये आस्था का ठिकाना है. शायद विज्ञान की पहेलियां सुलझाने की सही जगह नहीं. यहां की दिनचर्या आज भी सैकड़ों साल पुराने नियमों के अनुसार ही चलती है. यहां नया खोचने को आखिर क्या हो सकता है? सौ साल से ज्यादा हो गये जब पिछली बार कोई रिसर्चर जर्मन मोनेस्ट्री में आया था, महंतों और ननों की जिंदगी के बारे में जानने के लिए.

लेकिन अब ईसाई मठ फिर से दिलचस्प हो गये हैं, इसलिए भी कि वे बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं, और यहां सब लोग एक ही नियम से जीते हैं. और आबादी विज्ञान के प्रोफेसर मार्क लाय को इसी की तलाश है. वे पता करना चाहते हैं कि पुरुष महिलाओं की तुलना में जल्दी क्यों मरते हैं?

मोनेस्ट्री में दोनों लिंगों के लोग एक तरह की जिंदगी जीते हैं, यदि संन्यासियों की मौत जल्दी हो जाती है तो पहली बार साबित हो जायेगा कि पुरुष अपने जीन के कारण महिलाओं से पहले दुनिया छोड़ देते हैं. मार्क लाय मोनेस्ट्री की कब्रगाह में पहले संकेत खोजते हैं. संन्यासी आश्चर्यजनक रूप से लंबा जीते हैं.

मार्क लाय को पता है कि ये जानकारी काफी नहीं है. कब्र के पत्थर सिर्फ शुरुआती कदम हैं. उन्हें कम से कम 10,000 लोगों की सूचना चाहिए. मठ में रहे मृत और जीवित लोगों की. लेकिन क्या जर्मनी की मोनेस्ट्री उन्हें ये डाटा देने को तैयार होगी? उन्हें मोनेस्ट्री के आर्काइव में जाने की इजाजत मिल जाती है. और शुरू होती है एक अज्ञात दुनिया की यात्रा. मोनेस्ट्री में रहने वाले सदस्यों के बारे में जानकारी की खास किताबों में होती है. इन्हें प्रोफेसबुक कहा जाता है. मार्क लाय को इन्हीं की तलाश है.

प्रोफेसबुक मोनेस्ट्री में बाइबल के बाद सबसे महत्वपूर्ण किताब होती है. इसमें ननों और मोंक्स के बारे में सारी व्यक्तिगत जानकारी होती है, मोनेस्ट्री में आने से लेकर मृत्यु तक.

मार्क लाय को यहां वो सूचनायें मिलेंगी जिनकी उन्हें जरूरत है. अक्सर ये जानकारियां 19वीं सदी तक की हैं. इन किताबों में ननों और मोंक्स के बारे में सिर्फ सामान्य जानकारी ही नहीं है, बल्कि दूसरी सूचनायें भी हैं, मसलन उनके अनुशासन, नियमबद्धता, आत्महत्या या दूसरे गुनाहों की जानकारियां. मार्क लाय को फौरन पता चल जाता है कि उनके हाथ बहुत संवेदनशील जानकारी आ गई है.

मोनेस्ट्री की लाइब्रेरी में कई दिन और रातें गुजारने के बाद  मार्क लाय का काम पूरा हो जाता है. कुल 11,500 लोगों की जानकारी जमा हुई है. अब वे कैलकुलेट कर सकते हैं कि मोनेस्ट्री में पुरुष और महिलायें कितना जीती हैं.

तुलना के लिए देश की आबादी के आंकड़े. पुरुष महिलाओं के मुकाबले 6 साल पहले मरते हैं. लेकिन ननों और सामान्य महिलाओं की उम्र में कोई अंतर नहीं मिला. और उसके बाद मठ के पुरुषों के बारे में चकित करने वाली जानकारी सामने आई. मोनेस्ट्री में पुरुष 5 साल ज्यादा जीते हैं.

प्रोफेसर लाय कहते हैं, "मोनेस्ट्री स्टडी की मदद से मैं स्पष्ट रूप से दिखा पाया कि इसमें मुख्य रूप से गैर जैविक कारकों का हाथ है, वरना आम आबादी से अलग नतीजे नहीं आते."

मार्क लाय को अब पूरा भरोसा है कि ऐसी कोई जैविक घड़ी नहीं होती जो पुरुषों के मामले में महिलाओं से तेज चलती है. अपने जीने के तरीके को बदल कर मठ के पुरुष पांच साल लंबी जिंदगी लंबी जी सके.

(8 बुरी आदतें जो जल्दी बूढ़ा करती हैं​​​​​​​)

थोमास लीजेन/एमजे

 

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