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विज्ञान

क्या आप भी डरते हैं सोमवार से?

मंडे ब्लूज - क्या आपको भी होते हैं. सोमवार को दफ्तर में सब ऐसे थके थके क्यों दिखते हैं? जबकि कायदन तो वीकेंड के आराम के बाद उन्हें और तरोताजा होना चाहिए. यहां जानिए.

पूरा हफ्ता वीकेंड के इंतजार में बिताया कि छुट्टी मिले और नींद पूरी की जाए. फिर वीकेंड पर खूब छक कर सोये भी. रविवार को सुबह देर से उठे कि अगली रात नींद नहीं आ रही. नतीजा यह हुआ कि सोमवार सुबह समय से आंख नहीं खुली. हैरान परेशान जल्दबाजी में उठे और किसी तरह खुद को घसीटते हुए दफ्तर तक ले आए. जाहिर है कि सोमवार सुबह ऐसे इंसान का जो हाल होगा, वह मंडे ब्लूज का जीता जागता उदाहरण होगा.

ऐसा केवल आपके ही नहीं कई सारे लोगों के साथ होता है. तभी तो यह घटना मंडे ब्लूज, इतनी आम है. दुनिया के कमोबेश सभी देशों में लोग इससे गुजरते हैं. हाल ही में जर्मनी में हुई एक स्टडी में पाया गया कि नौकरी करने वाले हर छह में से एक जर्मन व्यक्ति को सोमवार को थकान और कम ऊर्जा महसूस होने की शिकायत होती है. विशेषज्ञ इसका कारण शरीर की बायोरिदम यानि जैविक लय से छेड़छाड़ को बताते हैं.

वीकेंड पर लोग जब कभी भी सोने और उठने लगते हैं और उनका नित्यक्रम बदल जाता है. यही कारण है कि सोमवार को जब उन्हें वापस उस लय में लौटना पड़ता है तो एक बार फिर नये सिरे से खुद को ढालना पड़ता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो वीकेंड पर भी पूरे हफ्ते के जैसे ही सोने और जगने के समय बरकरार रखे जाएं, तो सोमवार की थकान से मुक्ति पायी जा सकती है. इस तरह आप नया हफ्ता एक "वीकेंड जेटलैग” के साथ शुरू नहीं करेंगे और नये हफ्ते में नयी ऊर्जा से सराबोर महसूस करेंगे.

 

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