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जर्मन चुनाव

कौन हैं मार्टिन शुल्त्स?

जर्मनी के सोशल डेमोक्रैट जिग्मार गाब्रिएल चाहते थे कि मार्टिन शुल्त्स चांसलर को चुनाव मैदान में चुनौती दें लेकिन यूरोपीय संसद के पूर्व अध्यक्ष शुल्त्स बहुत हाल के दिनों तक जर्मन राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे हैं.

पश्चिम जर्मनी के एक किनारे पर मौजूद आखेन के पास वुर्सेलेन महज 38,000 बाशिंदों का शहर है और मार्टिन शुल्त्स यहीं पले बढ़े हैं. वह अब भी यहीं रहते हैं. 1987 से लेकर 1998 तक यानी 11 साल वह इस शहर के मेयर भी रहे. उनकी एक किताबों की दुकान है जिसे वह अपनी बहन के साथ मिल कर चलाते हैं.

इस साल की शुरुआत तक वह एक यूरोपीय राजनेता थे. यूरोपीय सांसद होने के साथ ही यूरोप में मध्य वामपंथी सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी के नेशनल ग्रुप में थे और यूरोपीय यूनियन में समाजवादियों की जमात के नेता थे. 2014 के यूरोपीय चुनाव में वह समाजवादियों के शीर्ष उम्मीदवार थे और 2012 से 2017 तक शुल्त्स यूरोपीय संसद के अध्यक्ष भी रहे. अब शुल्त्स ने अंगेला मैर्केल को जर्मनी के आम चुनाव में चुनौती दी है. चांसलर के चुनाव में मैर्केल को चुनौती देने वाले सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी से वह पांचवें उम्मीदवार हैं. 

1970 के दशक के मध्य में 20 साल की उम्र में शुल्त्स एक साल तक बेरोजगार थे. आज शुल्त्स अपने अतीत के बारे में खुले तौर पर बयान देते हैं, "मैं गंदा था, और बहुत अच्छा छात्र भी नहीं था." हालांकि शुल्त्स उस वक्त भी एसपीडी में सक्रिय थे. 32 साल की उम्र में जब वह शहर के मेयर बने तब वो नॉर्थ राइन वेस्टफालिया के किसी शहर के सबसे युवा मेयर थे. शुल्त्स एसपीडी के राष्ट्रीय नेताओं में भी 1999 से ही शामिल हैं. उन्होंने पार्टी की कार्यकारी बोर्ड और कार्यकारी समितियों में काम किया है. शुल्त्स बड़े गर्व के साथ कहते हैं कि वहां 18 साल तक के काम ने उन्हें पार्टी का सबसे "पुराने कामकाजी सदस्यों" में शामिल करा दिया है.

आमतौर पर शुल्त्स शायद ही कभी भिड़ने का मौका हाथ से जाने देते हैं लेकिन शायद यही चीज उन्हें हर बार जर्मनी में राजनीतिक मुद्दों पर बहस के दौरान एक दम ताजा बनाये रखती है. जनवरी 2017 में पार्टी से उनके नाम का प्रस्ताव होने के बाद उन्होंने जर्मन अखबार ज्यूडडॉयच त्साइटुंग से कहा कि लोकतंत्र और शुचिता पर इन दिनों सवाल उठ रहे हैं. वह कहते हैं, "मायूसी लोकतंत्र के लिए खतरा है. जब लोगों में यह अहसास पैदा होने लगता है कि वे समाज के लिए कुछ कर रहे हैं लेकिन समाज उनके लिए कुछ नहीं कर रहा, उनकी इज्जत नहीं कर रहा तो वे कट्टर बन जाते हैं, जब लोगों को लोकतंत्र में सहारा नहीं मिलता तो फिर वे दूसरे विकल्पों की ओर मुड़ जाते हैं

."

जब दक्षिणपंथी लोकलुभावनी ताकतों के विस्तार का सामना हो तो शुल्त्स साफ साफ कहते हैं, "अकसर मुझ पर जरूरत से ज्यादा आवेग में रहने का आरोप लगता है, लेकिन अगर आप दक्षिणपंथी चरमपंथियों के साथ सिर्फ अच्छी दलीलों का इस्तेमाल करेंगे तो कहीं नहीं पहुंच सकेंगे. कई बार ज्यादा खुरदुरे टुकड़े के लिए खुरदुरी छेनी की भी जरूरत होती है."

2016 में शुल्त्स ने डॉनल्ड ट्रंप को "पूरी दुनिया के लिए" एक समस्या बताया, और चुनाव में उनकी सफलता को यूरोप की धुर दक्षिणपंथी लोकप्रियता से जोड़ा. उन्होंने ट्रंप को "एक गैरजिम्मेदार इंसान" कहा जो "बिना जाने शेखी बघारता है". शुल्त्स ने ब्रशेल्स और स्ट्रासबुर्ग में कई बार कहा है कि वह ऐसे कई मुद्दे जुटा सकते हैं जो जर्मनी की घरेलू राजनीति को हिला देंगे. व्लादीमिर पुतिन के शासन में बारे में उन्होंने कहा, "रूस जो कर रहा है वह पूरी तरह अस्वीकार्य है. "रूस की आक्रामक गतिविधियों के पीछे जो सामाजिक विचार है, दुनिया की राय है, वह यूरोप के एक दूसरे को सम्मान देने के सिद्धांत से मेल नहीं खाता."

यूरोपीय संघ शुल्त्स के दिल के बेहद करीब है. वह कहते हैं, "यूरोपीय संघ खुद को दुखद स्थिति में पाता है. संघ के भीतर की केंद्र से दूर जाने वाली और चरमपंथी ताकतें चुनाव और रायशुमारी जीत रही हैं. अगर हम अपने यूरोपीय प्रोजेक्ट के मर्म पर सवाल उठायेंगे तो इसका मतलब अगली पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा."

जेन्स थुराउ, रीना गोल्डेनबर्ग

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