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दुनिया

कोरा की कहानी बयान करने वाले लेखक को नेशनल बुक अवॉर्ड

एक अश्वेत बच्ची की कहानी पर 16 साल तक काम चलता रहा. लिखना, मिटाना फिर लिखना, यही होता रहा. और आखिर में जब किताब छपी तो पढ़ने वालों की आंखों में आंसू थे.

अमेरिका में चलन में रह चुकी दास प्रथा और आज भी मौजूद नस्लभेद पर लिखी किताब 'द अंडरग्राउंड रेलरोड' के लिए कॉलसन व्हाइटहेड को सम्मानित किया गया है. कॉलसन को बेस्ट नॉनफिक्शन राइटर चुना गया. काल्पनिक कहानी पर आधारित उनका उपन्यास बेस्ट सेलर किताबों में शुमार है. उपन्यास जॉर्जिया के कपास फॉर्म से भागी एक किशोरी कोरा की दास्तान है. जान बचाने के लिए भागी उस किशोरी को न तो अपने परिवार का पता है और न ही अपने भविष्य का.

बुधवार को अवॉर्ड लेते हुए 47 साल के व्हाइटहेड ने कहा, "हम यहां खुश हैं; बाहर ट्रंपलैंड का धमाका है." समाज और राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले डॉनल्ड ट्रंप को मशविरा देते हुए लेखक ने कहा, "सब लोगों के प्रति दयावान रहें, कला का निर्माण करें और ताकत से लड़ें."

किताब लिखने के दौरान व्हाइटहेड ने काफी रिसर्च की. लेखक के मुताबिक, "रिसर्च के दौरान मुझे पता चला कि गुलामों को रखने वाले कई मास्टर ज्यादातर समय यही सोचते रहते थे कि गुलामों को पीड़ा पहुंचाने का नया तरीका क्या हो सकता है." इसी दौरान पता चला कि भागे हुए दास कई दिनों तक भूखे प्यासे छुपे रहते है. पूर्णिमा की रात चांदनी होने पर ही वो आगे बढ़ते थे. दिन में आगे बढ़ना या लालटेन लेकर भागने का मतलब था मौत का खतरा.

अमेरिका का नेशनल बुक अवॉर्ड बेहद सम्मानित आयोजन है. पुरस्कार समारोह में सैकड़ों लेखक, एडिटर, एजेंट और प्रकाशक जुटते हैं. लेकिन इस साल माहौल में उत्साह से ज्यादा हिचकिचाहट थी. सच्ची कहानी सामने लाने वाला नॉनफिक्शन अवॉर्ड इब्राम एक्स कैंडी को मिला. अमेरिका में जारी राजनीतिक और सामाजिक उथल पुथल पर कैंडी ने कहा, "नस्लभेद जैसी इंसानी बुराई के बीच मानव की सुंदरता भी है. ऐसी इंसानी सुंदरता जो नस्लभेद का प्रतिरोध करती है."

(गुलामी आज भी मौजूद है, लेकिन अलग रूप में)

ओएसजे/आरपी (एपी)

 

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