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मनोरंजन

कोजिचे भी अब मशहूर होगा

विदेशी सैलानियों के लिए कोजिचे अब भी अनजान शहर है लेकिन 2013 में स्लोवाकियाई शहर के यूरोपीय सांस्कृतिक राजधानी बनने के बाद ये हालात बदल जाएंगे.

राजधानी ब्रातिस्लावा के बाद कोजिजे स्लोवाकिया का दूसरा सबसे बड़ा नगर है. फिर भी यह सैलानियों के बीच ज्यादा मशहूर नही. नगर प्रशासन इस साल कोचिजे के नाम का डंका दुनिया भर में बजने की उम्मीद कर रहे हैं आखिर यूरोप की सांस्कृतिक राजधानी बनना कोई मामूली बात नहीं.

यूरोपीय संघ एक साल के लिए अपनी सांस्कृतिक राजधानी चुनता है. इस दौरान यूरोप की संस्कृति से जुड़े तरह तरह के कार्यक्रम इस शहर में आयोजित किये जाते हैं. 1985 में यह परंपरा शुरू हुई और पहली बार एथेंस को यूरोप की सांस्कृतिक राजधानी बनाया गया.

आकर्षक और सुंदर

सड़क मार्ग से शहर आने वाले सैलानियों का स्वागत साम्यवादी जमाने की बेजान इमारतों की लंबी कतारों से होता है. जबकि शहर के ऐतिहासिक केंद्र की ओर जाने वाला रास्ता विज्ञापन के बड़े बड़े चमकदार बोर्डों और सुपरमार्केट से गुलजार है. करीब 150 मीटर लंबी पैदल यात्रियों के लिए बनाई सड़क मजिस्ट्राले शहर का दिल है. कोजिचे को ज्यादा आकर्षक और सुंदर बनाने के लिए शुरू किए गए कामों में सेंट एजिलाबेथ कैथीड्रल के भीतरी और बाहरी हिस्से, इसके दक्षिण टावर, माथियास टावर की मरम्मत और दोबारा बनाने का काम भी शामिल है.

इसका उत्तरी टावर देश के सबसे बड़े गॉथिक कैथीड्रल में से एक है जिसकी 160 सीढ़ियों से कोजिचे के ऐतिहासिक केंद्र का शनदार नजारा मिलता है. कैथीड्रल के एलिजाबेथ एल्टार की बड़े व्यापक पैमाने पर मरम्मत की गई है. सेंट एलिजाबेथ का बेल टावर. इसे सेंट अर्बन टावर भी कहा जाता है. इसका नाम वाइन बनाने वालों के संरक्षक संत सेंट अर्बन के नाम पर रखा गया है. इस टावर में मोम से बनी मूर्तियो का एक म्यूजियम भी है जिसमें पॉप संगीत के बड़े नाम एंडी वारहॉल जैसे लोगों की मूर्तियां हैं. एंडी वारहॉल के मां बाप पूर्वी स्लोवाकिया के थे.

एक अलग कहानी

सड़कों की ऊंचाई पर बने खूबसूरत महल और शहरी मकानों को बड़े शानदार तरीके से संजो कर रखा गया है और हर घर के पास बताने को अपनी एक अलग कहानी है. एक इमारत है जिसे भिखारी का घर कहते हैं क्योंकि मान्यता है कि इसे एक भिखारी ने बनाया. कई पुरानी इमारतों को कैफे, वाइन बार और रेस्तराओं में बदल दिया गया है जिनके बाहर या छत पर भी कुर्सियां लगी हैं. यह इलाका कोजिचे के तीन विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की पसंदीदा जगह है.

शहर का प्रशासन सांस्कृतिक राजधानी परियोजना के नाम पर 7.5 करोड़ यूरो की रकम खर्च करने की योजना बना रहा है. कोजिचे 2013 के निदेशक जान सुडजिना बताते हैं, "हम कम समय का बदलाव नहीं चाहते, हमें तो लंबे समय के लिए प्रभाव हासिल करना है." प्रशासन सिटी सेंटर के पास खाली पड़ी बैरकों को संस्कृति और कला के केंद्रों में तब्दील करना चाहता हैं जहां युवा कलाकारों, डिजायनरों और आर्किटेक्टों को कम कीमत में किराए पर काम की जगह दी जा सके.

एक बेकार हो चुके स्विमिंग पूल को नुमाइश की जगह बनाया जा रहा है, जबकि पास ही मौजूद सिटी पार्क का भी चेहरा बदला जा रहा है, जिसकी लंबे समय से जरूरत है. इनके अलावा पुरानी जागीरों के इस्तेमाल न हो रहे हीट डिस्ट्रीब्यूशन फैसिलिटी को सांस्कृतिक केंद्र में बदलने की भी योजना है.

एनआर/ आईबी (डीपीए)

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