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दुनिया

कोई दफ्तर में रुका तो किसी ने ली आसपास से मदद

मुंबई में मंगलवार की भारी बारिश के बाद अब हालात पटरी पर लौटते नजर आ रहे हैं. लोकल ट्रेन और विमानों की आवाजाही शुरू हो गयी है, हालांकि और बारिश होने की आशंका बनी हुई है.  

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में हुई बारिश ने शहर को पूरी तरह से हिला कर रख दिया. इसके चलते अब तक करीब 5 लोगों की मौत हो चुकी है और शहर के 2 करोड़ लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. मरने वालों में से चार की मौत दीवार ढहने से हुई और एक मौत बिजली के करंट के चलते हुई. स्थानीय अधिकरी तानाजी कांबले ने कहा " हम पूरी स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं और हालात जल्द ही सामान्य हो रहे हैं. बारिश घटने से राहत मिलने की उम्मीद है."

बीती रात बहुत से लोग अपने घर नहीं जा सके उन्होंने दफ्तरों या फिर अपने सहकर्मियों या फिर आम लोगों के घर रात गुजारी. सुबह मौसम खुलने के बाद लोग अपने अपने घर गये.

आम लोगों ने बारिश में फंसे लोगों की मदद के लिए अपने घरों के दरवाजे खोल दिये. सोशल मीडिया पर ऐसे खूब मैसेज शेयर किये गये और लोगों से कहा गया कि अगर वो कही फंसे हैं तो उनके घरों में आ सकते हैं.

बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने भी इस बारिश पर अपनी चिंता जताई है. अभिनेता दिलीप कुमार ने ट्वीट कर बताया कि वह पूरे दिन अपने घर की खिड़की से बारिश को देखते रहे, और सबके लिये प्रार्थना करते रहें. उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति आपके लिये आसान बनाने की कोशिश कर रहा है.

अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने भी ट्वीट कर सभी को सुरक्षित रहने के लिए कहा. जॉनी गद्दार के अभिनेता नील नितिन मुकेश ने अपने इंस्टाग्राम पर बारिश का एक वीडियो साझा किया है और कैंपशन दिया है, “ड्राइविंग इन द सी“. अभिनेत्री गुल पनाग ने भी ट्वीट कर मुंबई की जनता को भारी बारिश को लेकर आगाह किया है. इसके अलावा अभिनेता अनिल कपूर, अभिषेक बच्चन, अभिनेत्री दिया मिर्जा, प्रियंका चोपड़ा, माधुरी दीक्षित, नीतू कपूर सभी ने ट्वीट कर वीडियो साझा किये. 

 

मंगलवार शाम जारी आंकड़ों के मुताबिक सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक 105 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. मुंबई की इस मूसलाधार बारिश ने प्रशासन सहित आम लोगों को साल 2005 की याद दिला दी जब महज 24 घंटे में 950 मिमी बारिश दर्ज की गई थी और तकरीबन 1000 लोगों की जान चली गयी थी. उस वक्त बिजली, पानी की आपूर्ति और आम परिवहन को पूरी तरह ठप्प हो गया था. उस भयावह स्थिति के लिये शहर के अनियोजित विकास और खराब जल निकासी को जिम्मेदार ठहराया गया था.

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