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खेल

कॉमनवेल्थ में इलाज पर 15 करोड़ खर्चे गए

कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान भारत सरकार ने मरीजों के इलाज पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए. सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी बताती है कि कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान कुल 3665 लोगों का इलाज हुआ.

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इलाज पर करोड़ों का खर्च

सरकार ने आरटीआई के तहत एक अर्जी के जवाब में जानकारी दी है कि खेल गांव में बनाए गए पॉलीक्लीनिक और खिलाड़ियों के मेडिकल रूम में 3665 लोग इलाज कराने पहुंचे.

आरटीआई कार्यकर्ता मनीष सिसोदिया ने एक अर्जी देकर पूछा था कि 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान सरकार ने मेडिकल सुविधाओं पर कितना रुपया खर्च किया. इस अर्जी के जवाब में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के सूचना अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि कुल 14 करोड़ 99 लाख 79 हजार 200 रुपये खर्च हुए. पॉलीक्लिनिक में 3099 लोग इलाज कराने पहुंचे जबकि खिलाड़ियों के लिए बनाए गए मेडिकल रूम में 566 लोग आए.

सिसोदिया कहते हैं कि खर्ची गई रकम बहुत ज्यादा है और व्यवहारिक नहीं है. उन्होंने कहा, "अगर आप हिसाब लगाएं तो पाएंगे कि हर व्यक्ति पर 40 हजार रुपये खर्च हुए. खेल के दौरान किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई खबर नहीं थी. तो फिर ऐसा क्या इलाज किया गया कि इतनी बड़ी रकम खर्च हो गई?"

निदेशालय के मुताबिक खिलाड़ियों के अलावा स्थानीय कर्मचारियों का भी इलाज किया गया. सूचना अधिकारी ने बताया है कि खेल गांव में कुल 247 डॉक्टर तैनात किए गए थे. खिलाड़ियों के मेडिकल रूम में 24 डॉक्टरों ने काम किया. बाकी पॉलीक्लीनिक में रहे.

रिपोर्टः पीटीआई/वी कुमार

संपादनः ए कुमार

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