1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

वर्ल्ड कप

'कॉमनवेल्थ घोटालों की जांच करे सीबीआई'

कॉमनवेल्थ खेलों से जुड़े भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय सतर्कता आयोग सीवीई से जांच करने का कहा है. अब तक की जांच में सामने आया है कि ऐसी कई फर्मों को पैसे दिए गए जो असल में हैं ही नहीं. मामला आपराधिक साजिश का.

default

केंद्रीय सतर्कता आयोग, सीवीसी के बड़े अधिकारियों के मुताबिक ऐसे कई सबूत मिले हैं जिनके आधार पर सीबीआई जांच कराई जाएगी. सबूत सीबीआई के हवाले किए जाएंगे. सीवीसी के एक सूत्र ने कहा कि ऐसी कई पार्टियों को भुगतान किया गया जो हकीकत में ही नहीं. सिर्फ कागजों में बनी इन पार्टियों को किस आधार पर पैसा दिया गया, इन सवालों का जवाब खेल आयोजन से जुड़ी तमाम संस्थाएं नहीं दे पा रही है. अब सीवीसी ने सीबीआई से कहा है कि वह आपराधिक साजिश का मामला दर्ज करे.

Indien Commonwealth Games Delhi 2010

सूत्र ने कहा, ''ठेके देते समय बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है. कई ठेकों और प्रक्रियाओं में हमें आपराधिक साजिश और वित्तीय घोटाले के सबूत मिले हैं.'' ब्रिटेन की एक कंपनी को प्रसारण अधिकार देने का मामला भी पेंचीदा होता जा रहा है. शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी की सफाई के बावजूद आयकर विभाग का कहना है कि करार में भ्रष्टाचार की कोशिशें हुई हैं.

आरोप हैं कि ब्रिटेन की कंपनी ने गैरकानूनी ढंग से टैक्स चुराने की कोशिश की. आयकर विभाग के मुताबिक 246 करोड़ रुपये का ठेका पाने वाली ब्रिटिश कंपनी 29 करोड़ रुपये का टैक्स चुराने की कोशिश कर रही थी.

भारत सरकार की प्रसारण संस्था प्रसार भारती से भी पूछा जा रहा है कि ब्रिटेन की कंपनी को किस आधार पर ब्रॉडकास्टिंग राइट्स दिए गए. इस पर प्रसार भारती के सीईओ बीएस लाली ने कहा, ''हमने जो भी किया है, सही और कानूनी ढंग से किया है.''

दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ खेलों पर भारत ने करीब 70,000 करोड़ रुपये खर्च किए. 2003 में खेलों के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट तय था. बाद में यह राशि 24,000 करोड़ रुपये हुई. लेकिन समापन के बाद पता चला कि खेल 70,000 करोड़ रुपये के बैठे. आरोप हैं कि भ्रष्टाचार के चलते ही खर्च 110 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया. भ्रष्टाचार के आरोप केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के विभागों के साथ साथ खेल आयोजन समिति पर लग रहे हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: एमजी

DW.COM

WWW-Links