1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

कैसे समझाएं बच्चे को आतंकी हमला

बच्चों से अक्सर हम बातें छुपाते हैं, उन्हें बेरहम दुनिया से बचाना चाहते हैं. लेकिन पेरिस जैसी घटनाओं का पता उन्हें भी चलता है, उनके अंदर भी डर होता है. यह वीडियो दिखाता है कि उनसे बात करना कितना जरूरी है.

पेरिस में पिछले शुक्रवार की रात जो हुआ उसे समझना किसी के लिए भी मुश्किल है. लोग अपनी शाम मौज मस्ती से गुजारने निकलने थे, फुटबॉल देखने, थिएटर में संगीत का मजा लेने और रेस्तरां में खाना खाने, जब आतंकवादियों ने अलग अलग हमलों में 129 लोगों की जान ले ली. इस अत्याचार को बच्चों को समझाना सचमुच मुश्किल है. फ्रांस के ले पेटी पत्रिका ने अपने रिपोर्टरों को हमलों के शिकार बने लोगों को श्रद्धांजलि देने आए ऐसे माता-पिता से बात करने भेजा था जो अपने बच्चों को लेकर आए थे. एक रिपोर्टर ने बाटाक्लाँ थिएटर के बाहर एक बच्चे से पूछा कि क्या वह समझता है कि उग्रपंथियों ने गोली क्यों चलाई. बच्चे का जवाब आपका दिल दहला देगा.

बच्चा: हां, क्योंकि वे सचमुच बहुत निर्दयी हैं. बुरे लोग बहुत अच्छे नहीं होते. और हमें सचमुच सावधान रहना होगा, क्योंकि हमें घर बदलना होगा.

पिता: अरे, चिंता मत करो. हमें घर बदलने की जरूरत नहीं है. फ्रांस हमारा घर है.

बच्चा: लेकिन बाहर बुरा बंदा है डैडी.

पिता: लेकिन बुरे लोग हर कहीं होते हैं.

बच्चा: उनके पास गन है, वे हमें गोली मार सकते हैं क्योंकि वे सचमुच सचमुच बुरे हैं, डैडी.

पिता: ठीक है, उनके पास गन हो सकता है, लेकिन हमारे पास फूल हैं.

बच्चा: लेकिन फूल कुछ नहीं करते, वे तो...वे तो...

पिता: हां वे भी करते हैं. देखो हर कोई फूल रख रहा है. यह बंदूक के खिलाफ लड़ने के लिए है.

बच्चा: यह हमें बचाएगा? और मोमबत्तियां भी?

पिता: हां और ये यह उन लोगों की याद में भी है, जो चले गए हैं.

बच्चा: फूल और मोमबत्तियां हमारी रक्षा करने के लिए हैं.

पिता: हां.

रिपोर्टर: क्या तुम अब बेहतर महसूस कर रहे हो?

बच्चा: हां.

इंटरव्यू फ्रेंच में है, लेकिन वीडियो में अंग्रेजी सबटाइटल्स लगाए गए हैं.

एमजे/आरआर (यूट्यूब)

DW.COM

संबंधित सामग्री