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खेल

कैसा होगा 2013 का फॉर्मूला वन

बरसों की जमी जमाई टीमों में बदलाव के साथ फर्राटा रेसिंग का नया साल बहुत कुछ नया देखने वाला है. पहली रेस में अभी ढाई महीने हैं लेकिन तय है कि फेटल की करिश्माई जीतों और हेमिल्टन को बदलाव का इम्तिहान देना होगा.

फेटल का चौथा
जर्मनी के सेबास्टियान फेटल के लिए 2013 का साल बेहद अहम रहेगा. उन्होंने जिस तरह से 2012 में आखिरी रेस में अपना खिताब पक्का किया, उसके बाद से उन्हें सर्वकालिक महान ड्राइवरों में गिना जाने लगा है. लगातार तीन खिताब जीतने वाले फेटल के सामने लंबा करियर पड़ा है और उन्होंने अपनी रेसिंग क्षमताओं से दिखा दिया है कि वह एक "कूल ड्राइवर" हैं. कई रेसों में पिछड़ने के बाद या गाड़ी में खराबी आने के बाद भी वह रेस पूरी करते हैं, जो एक बड़े ड्राइवर की निशानी है.
रेड बुल को भी उम्मीद है कि फेटल अपना करिश्मा दिखाते रहेंगे और उनकी टीम को लगातार चौथी बार सफलता दिलाएंगे. हालांकि फेटल के टीम पार्टनर ऑस्ट्रेलिया के मार्क वेबर रेड बुल से बहुत ज्यादा खुश नहीं हैं क्योंकि फेटल की जीत के लिए उन्हें कई बार बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है. हालांकि अगले सीजन में वह रेड बुल से ही खेलने वाले हैं.


बिन शूमाखर सब सून
दो पारियों के बाद जर्मनी के सर्वकालिक महान ड्राइवर 42 साल के मिषाएल शूमाखर ने दोबारा संन्यास ले लिया है. जर्मनी की ही मर्सिडीज टीम ने उनके साथ करार को नहीं बढ़ाने का फैसला किया, जिसके बाद शूमाखर ने यह फैसला किया. पिछला दो दशक मोटर रेसिंग में शूमाखर का कोई जोड़ीदार नहीं था, जिन्होंने सात बार चैंपियशनशिप जीती है. लेकिन दूसरी पारी में उन्हें एक भी कामयाबी नहीं मिल पाई. 2013 की रेस इस लिहाज से भी अहम होगी कि इस बार शूमाखर ट्रैक पर नहीं दिखेंगे.
नई पारियां
शूमाखर की जगह ब्रिटेन के लुइस हैमिल्टन को मर्सिडीज चलानी है, जिनके साथ नीको रोजबर्ग जैसे तेज तर्रार ड्राइवर होंगे. हैमिल्टन 2008 में फॉर्मूला वन का खिताब जीत चुके हैं लेकिन इसके बाद से फेटल ने उनकी दाल नहीं गलने दी है. हैमिल्टन पर इस बात का दबाव होगा कि वह शूमाखर से बेहतर प्रदर्शन करें और कम से कम पोडियम तक का सफर तय करें. हालांकि यह काम इतना आसान नहीं होगा क्योंकि 2012 का साल हैमिल्टन के लिए बहुत अच्छा नहीं रहा है. इसके अलावा उन्हें अपने गुस्से पर भी काबू रखना होगा. नई टीम के साथ तालमेल बिठाने में उन्हें काफी समय लग सकता है. चूंकि हैमिल्टन मर्सिडीज में चले गए, लिहाजा मैकलैरेन के पास ड्राइवर की जगह खाली हो गई. इस जगह को सर्जियो पेरेज ने भर दी है.


भारत के रेसर
शराब कारोबारी विजय माल्या की फोर्स इंडिया में एक ड्राइवर की जगह खाली है, जिसके लिए जर्मनी के आद्रियान सुटिल और फ्रांस के जूनियर ड्राइवर यूल्स बियान्ची के बीच मुकाबला है. सुटिल जहां एक ओर फॉर्मूला वन के ट्रैक पर अपना जलवा दिखा चुके हैं, वही बियान्ची फोर्स इंडिया के टेस्ट ड्राइवर हैं और उन्होंने हाल के दिनों में जिस रफ्तार से कार चलाई है, उससे फोर्स इंडिया मैनेजमेंट उनसे काफी प्रभावित दिखता है. ऐसे में बियान्ची को एक मौका दिया जा सकता है.
सीजन 2012 के आखिरी रेस में फोर्स इंडिया के पॉल डीरेस्टा ने जिस तरह बेतहाशा कार भगाई, उनकी जगह लगभग पक्की है. हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है. दुर्घटना का शिकार होने से पहले फोर्स इंडिया की कार सबसे आगे चल रही थी. फोर्स इंडिया के अलावा काटेरहम में भी एक ड्राइवर की जगह खाली है और टीम ने अभी किसी का नाम नहीं बताया है.
इस बार 11 टीमों के 22 ड्राइवर खिताबी मुकाबले के लिए रेस करेंगे और पूरे सीजन में कुल 20 रेसें होंगी. हमेशा की तरह पहली रेस ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में होगी और आखिरी ब्राजील में. मेलबर्न में 17 मार्च को ग्रां प्री की पहली रेस होगी. भारत की रेस 27 अक्तूबर को होगी, जबकि सीजन की आखिरी रेस ब्राजीली शहर इंटरलागोस में 24 नवंबर को होगी.
रिपोर्टः ए जमाल
संपादनः एन रंजन

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