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विज्ञान

कैल्शियम से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा!

हड्डियों को मजबूत करने के लिए जिन कैल्शियम सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है, उनसे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. एक अध्ययन में इस बात का पता चला है. ये सप्लीमेंट्स आमतौर पर बुजुर्गों द्वारा लिए जाते हैं.

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इलाज ही बीमारी का घर!

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपे एक रिसर्च पेपर में कहा गया है कि ऑस्टियोपोरोसिस रोग के इलाज में कैल्शियम के इस्तेमाल पर फिर से विचार किया जाना चाहिए. आमतौर पर हड्डियों को मजबूत करने के लिए डॉक्टर कैल्शियम की गोलियां देते हैं. लेकिन ताजा अध्ययन में पता चला है कि इन गोलियों से खास तौर से उम्रदराज महिलाओं में हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोग बढ़ रहे हैं.

महिलाओं पर इस असर का पता चलने के बाद वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन को आगे बढ़ाने का फैसला किया. न्यूजीलैंड की ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के इयान रीड के नेतृत्व में एक टीम ने 11 अलग अलग क्लीनिकल ट्रायल कीं. इनमें 12 हजार मरीजों पर अध्ययन किया गया.

अध्ययन के बाद उन्होंने पाया कि कैल्शियम हार्ट अटैक के खतरों को 30 फीसदी तक बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है. स्ट्रोक और मौत हो जाने के खतरे भी बढ़ते हैं, लेकिन कम तादाद में. ये नतीजे सभी परीक्षणों में समान रूप से पाए गए. यहां तक कि उम्र या लिंग का भेद भी इन नतीजों को प्रभावित नहीं कर सका.

रिसर्च पेपर के लेखकों ने चेतावनी दी है कि भले ही व्यक्तिगत तौर पर कैल्शियम उतना खतरनाक न हो, लेकिन जिस तरह से इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है, यह पूरे समाज में रोग का दबाव बढ़ा सकता है. इस अध्ययन पर टिप्पणी करते हुए ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ हल के जॉन क्लीलैंड और उनके सहयोगियों ने कहा है कि हार्ट अटैक के बढ़ते खतरों की बात छोड़ भी दें, तो भी हड्डियों के फ्रैक्चर को रोकने में कैल्शियम सप्लीमेंट ज्यादा मददगार साबित नहीं हो रहे हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एस गौड़

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