कैटेलोनिया संकट पर ईयू ने पल्ला झाड़ा | दुनिया | DW | 20.10.2017
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दुनिया

कैटेलोनिया संकट पर ईयू ने पल्ला झाड़ा

यूरोपीय नेताओं ने स्पेन और कैटेलोनिया के बीच पैदा तनातनी पर दखल या मध्यस्थता करने से साफ इनकार कर दिया है. ईयू नेताओं का मानना है कि यह मामला मैड्रिड और बार्सिलोना का है और इसका समाधान दोनों ही पक्षों को निकालना होगा.

यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष डॉनल्ड टस्क ने यूरोपीय संघ सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत में साफ किया कि कैटेलोनिया संकट उनके एजेंडे में नहीं है. उन्होंने कहा, "हम सबके अपने विचार और भावनाएं हो सकती हैं लेकिन औपचारिक रूप से इस पूरे मसले में ईयू के दखल के लिए कोई जगह नहीं है." उन्होंने कहा कि सदस्य देश यह साफ कर चुके हैं कि इस पूरे मामले में हस्तक्षेप के लिए कोई स्थान नहीं है. इसके पहले कैटेलोनिया के राष्ट्रपति पुजदेमोन ने स्पेन सरकार को लिखे पत्र में चेतावनी दी थी, "अगर स्पेन कैटेलोनिया से कोई बातचीत नहीं करेगा तो कैटेलोनिया खुद को स्पेन से आजाद देश घोषित कर देगा."

स्पेन के प्रधानमंत्री और अनुच्छेद 155

स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो रखोय देश के संविधान (1978) में शामिल अनुच्छेद 155 को लागू करने पर विचार कर रहे हैं. इस अनुच्छेद के मुताबिक, देश के अगर किसी हिस्से या राज्य में कानून व्यवस्था का पालन नहीं किया जाता तो देश की सरकार के पास उस हिस्से या राज्य को अपने नियंत्रण में लेने का अधिकार है. इसी मुद्दे पर आगे बढ़ने के लिए स्पेन सरकार ने कैबिनेट की खास बैठक भी बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक में कैटेलोनिया के राष्ट्रपति पुजदेमोन को पद से हटाने, स्कूल और शिक्षण संस्थानों पर नियंत्रण करने, प्रांत में नये चुनाव घोषित करने और यहां की संसद को भंग करने समेत कैटेलोनिया की आजादी की मुखर आवाज माने वाली जाने वाली यहां की स्थानीय मीडिया को अपने नियंत्रण में लेने पर विचार किया जायेगा.

ब्रेक्जिट के बाद ईयू के कुछ नेता तो समूह की जटिलताओं को बढ़ाने की बात कर रहे हैं तो वहीं कुछ इसे बचने के पक्ष में है. एक अन्य वरिष्ठ ईयू डिप्लोमेट ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "कैटेलोनिया का समर्थन करने से बहुत कुछ लाभ नहीं होने वाला है, ऐसे में स्पेन को नाराज करने का कोई फायदा नहीं है." ईयू नेताओं को डर है कि कैटेलोनिया, यूरोप के अन्य आजादी समर्थक हिस्सों मसलन स्कॉटलैंड, फ्लैंडर्स और कोसोवो में भी आंदोलन को हवा दे सकते हैं.

संवैधानिक उपाय

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने इस मसले पर स्पेन का समर्थन किया है. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि इस मुद्दे का समाधान स्पेन के संविधान के आधार पर ही निकलेगा. डच प्रधानमंत्री मार्क रुटे ने स्पेन का आंतरिक मामला बताया. इसी सुर में सुर मिलाते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों को ने कहा, "मुझे पूरी उम्मीद है कि स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो रखोय इस स्थिति का हल निकाल लेंगे."

स्वाधीनता नहीं आसान

वहीं कैटेलोनिया में रहने वाले कुल 75 लाख लोगों का स्पेन से अलग होने और न होने पर अपने तर्क हैं. प्रांत के तमाम मतदाताओं ने स्पने सरकार के खिलाफ होने वाले जनमत संग्रह में भी हिस्सा नहीं लिया था. स्पेन के एक अखबार ने पुजदेमोन के खिलाफ लिखते हुए कहा था कि, "सामूहिक आत्महत्या में कोई गरिमा नहीं है, जब वह किसी एक इंसान द्वारा तय किया जाये और उसका खामियाजा सबको भुगतना पड़े." वहीं रूस ने कैटेलोनिया को स्पेन का आंतरिक मामला माना है.

एए/ओएसजे (रॉयटर्स, एपी, एएफपी)

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