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मंथन

कैंसर के इलाज के दौरान वरदान है व्यायाम

स्पोर्ट्स, कैंसर के रोगियों के इलाज में मदद कैसे कर सकता है? उल्म मेडिकल कॉलेज के स्पोर्ट्स मेडिसिन के डॉक्टर इसका पता लगा रहे हैं. नतीजे हैरान करने वाले हैं.

जर्मनी के उल्म मेडिकल कॉलेज में कैंसर के रोगी अस्पताल से सीधे ट्रेनिंग के लिए आते हैं. कीमोथैरेपी के दौरान भी. यह ऐसा वक्त होता है जब कैंसर के कई रोगी निराश होने लगते हैं. हर मरीज के लिए उल्म यूनिवर्सिटी की स्पोर्ट्स विज्ञानी श्टेफानी ऑटो ने खास निजी ट्रेनिंग प्रोग्राम बनाया है. ऑटो कहती हैं, "खास तौर पर कीमोथैरेपी के दौरान स्पोर्ट्स बहुत ही जरूरी है, यह साइड इफेक्ट्स को कम करता है. आम तौर पर मरीज अपनी एथेलेटिक क्षमता बरकरार रख सकते हैं, कभी कभार तो वह बढ़ भी जाती है. सबसे जरूरी बात यह है कि वे फिट रहते हैं और जीवन का स्तर बकरार रखते है. हर दिन जिंदगी को ज्यादा असरदार तरीके से जी पाते हैं."

पहले कैंसर के रोगियों से बिस्तर में रहने और आराम करने को कहा जाता था. लेकिन आज कहा जा रहा है कि जितनी ज्यादा कसरत हो, उतना अच्छा. खेल कूद या कसरत के दौरान मरीज तनाव पैदा करने वाले हार्मोनों से लड़ पाते हैं. वे कुछ हद तक बेहतर प्रदर्शन कर पाते है और इससे अच्छी फीलिंग भी आती है. उनका रोग प्रतिरोधी सिस्टम बेहतर होता है, मेटाबॉलिज्म तेज होता है. वे खास तरह के विकास और हार्मोनों को महसूस करते हैं. कीमोथैरेपी के दौरान नई मांसपेशियों का निर्माण होना बहुत जरूरी है, ताकि शरीर में जान बनी रहे. अगर ऐसा न हुआ तो कीमोथैरेपी के दौरान मांसपेशियों का विघटन होगा और शरीर कमजोर होता जाएगा.

स्पोर्ट्स ट्रेनिंग के नतीजों की जांच करने के लिए वैज्ञानिक ट्रेनिंग थेरेपी से पहले और उसके बाद मरीजों की मांसपेशियों से ऊतकों के नमूने लेते हैं. लैब में कोशिकाओं की जांच की जाएगी. यह देखा जाएगा कि कौन सी ट्रेनिंग से मेटाबॉलिक एक्टिविटी से मांसपेशियां बढ़ती हैं और ऐसा क्यों होता है. इन नमूनों की समीक्षा के बाद स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ प्रोफेसर युर्गेन श्नाइनेकर कहते हैं, "शोध दिखा चुके हैं कि स्पोर्ट्स थैरेपी स्तन, छोटी आंत और अंडकोष में ट्यूमर के फिर से पनपने की संभावना 50 फीसदी तक कम कर सकती है. यह दर कीमोथैरेपी के बराबर ही है. कोई यह नहीं कह रहा है कि ऐसा कीमोथैरेपी के बिना हो रहा है, लेकिन एक साथ दो इलाजों से, ट्यूमर के लौटने की संभावना वाकई बहुत कम हो जाती है."

"कैंसर के खिलाफ रोइंग" इस प्रोजेक्ट के जरिये स्पोर्ट्स विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों को ट्रीटमेंट के बाद भी शारीरिक रूप से सक्रिय रखने में सफल हुए हैं. हर किसी को उम्मीद है कि वे स्वस्थ रहेंगे और कैंसर वापस नहीं लौटेगा. ग्रुप एक्टिविटी के जरिये उन्हें मानसिक सहारा और ताकत भी मिल रही है.

(किचन में कैंसर पैदा करने वाली चीजें)

क्लाउस डार्टमन/ओएसजे

 

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