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विज्ञान

कैंसर इलाज में साइकिल चलाएं

कैंसर के इलाज के बाद आम तौर पर मरीज सुस्त रहता है और उसकी दिनचर्या पहले से कम हो जाती है. लेकिन साइकिल चलाने और पैदल चलने से उसकी हालत में काफी सुधार हो सकता है. ब्रिटेन में हुई रिसर्च से यह बात सामने आई है.

लगभग 2000 मामलों की जांच के बाद यह रिपोर्ट सामने आई है. कैंसर की वजह से लोगों में थकान हो जाती है. एक तो खुद कैंसर की वजह से और दूसरी इसके इलाज में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी की जाती है, जो बहुत मुश्किल इलाज होता है और इससे भी मरीज थक जाते हैं. रिसर्चरों का कहना है कि अगर मरीज हल्का फुल्का व्यायाम कर लें तो उनकी स्थिति में बहुत सुधार हो सकता है.

इंग्लैंड के ब्रिस्टल शहर में यूनिवर्सिटी ऑफ द वेस्ट ऑफ इंग्लैंड की फियोना क्रैंप का कहना है, "हम यह उम्मीद नहीं करते कि मरीज अगले दिन एक मील की दौड़ लगाएगा. लेकिन अगर कुछ लोग बाहर जाकर वॉकिंग करें या साइकिल चलाएं, तो यह बहुत अच्छा होगा. हम हमेशा लोगों से कहते हैं कि वे बहुत हल्के व्यायाम से शुरू करें."

क्रैंप और उनके साथी जेम्स बायरन डेनियल ने 38 अलग अलग अध्ययनों के 2600 मामलों की पड़ताल करने के बाद इस बात का अंतर देखा कि व्यायाम करने और नहीं करने वालों के बीच कितना फर्क होता है. ज्यादातर ऐसी महिलाओं के बारे में रिसर्च किया गया, जिन्हें ब्रेस्ट कैंसर था और जिन्होंने इलाज के बाद व्यायाम किया. ऐसे मामले सामने आए, जिसमें महिलाओं ने हफ्ते में दो बार हर रोज कसरत की और 10 मिनट के छोटे समय से लेकर दो घंटे तक व्यायाम किया.

जब इनके नतीजों का आकलन किया गया, तो पाया गया कि जिन लोगों ने इलाज के दौरान और उसके बाद कसरत की, उन्हें ज्यादा ऊर्जा मिली. खास तौर पर साइकिल चलाने और वॉकिंग से थकान दूर करने में ज्यादा मदद मिली.

क्रैंप का कहना है, "हम कह सकते हैं कि शारीरिक अभ्यास से मरीजों को औसत तौर पर फायदा पहुंचा." हालांकि उनका कहना है कि अलग अलग मामलों में अलग अलग नतीजे सामने आए. मिसाल के तौर पर ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर वाले मरीजों को तो व्यायाम से फायदा पहुंचा लेकिन ल्यूकेमिया और लिम्फोमा वाले मरीजों को नहीं.

एजेए/एनआर (रॉयटर्स)

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