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दुनिया

केजरीवाल दिल्ली के नए 'नायक'

दिल्ली विधानसभा में धमाकेदार कामयाबी हासिल करने के बाद नई राजनीतिक पार्टी, आप सरकार बनाने जा रही है. आम आदमी पार्टी ने राजनीति में कदम रखने से पहले कई जनांदोलन किए जिसके बाद इस साल हुए विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया.

चुनाव में जनता ने भी आम आदमी पार्टी को हाथों हाथ लिया और उसे 70 से 28 सीटों पर जीत हासिल हुई. आयकर विभाग के पूर्व आयुक्त और सौम्य व्यवहार वाले अरविंद केजरीवाल ने एलान किया है कि आप दिल्ली में सरकार बनाएगी. आप को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस समर्थन दे रही है. चार दिसंबर को हुए चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. हालांकि भारतीय जनता पार्टी सबसे पार्टी के रूप में उभरकर आई लेकिन सरकार बनाने के लिए उसके पास पर्याप्त आंकड़े नहीं थे. आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस से समर्थन लेकर सरकार बनाने पर दिल्ली में जनमत संग्रह कराया. इसमें लोगों ने आप को दिल्ली में सरकार बनाने का समर्थन किया. रायशुमारी के लिए आप ने दिल्ली में 280 जनसभाएं कीं. 257 जनसभाओं में लोगों ने सरकार बनाने का समर्थन किया. इसके अलावा फोन, इंटरनेट और एसएमएस के जरिए भी राय मांगी गई.

सोमवार को आप की राजनीतिक मामलों की समिति ने एक बैठक की, जिसके बाद उप राज्यपाल नजीब जंग से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश किया गया. चुनाव के दौरान आप का चेहरे रहे अरविंद केजरीवाल दिल्ली के नए मुख्यमंत्री होंगे. अरविंद केजरीवाल सार्वजनिक समारोह में दिल्ली के रामलीला ग्राउंड पर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. समारोह के लिए केजरीवाल ने जंतर मंतर पर शपथ ग्रहण का मन बनाया था लेकिन जगह कम होने की वजह से यह समारोह रामलीला मैदान में होगा. रामलीला मैदान में ही केजरीवाल के गुरु अन्ना हजारे ने जनलोकपाल के लिए आंदोलन किया था.

दिल्ली में सरकार बनाने जा रहे केजरीवाल ने कहा कि वह विश्वास प्रस्ताव विधानसभा में पेश करेंगे और उसके बाद ही पता चलेगा कि क्या होता है. यह दिल्ली की पहली अल्पमत सरकार होगी. केजरीवाल के मुताबिक उप राज्यपाल जंग ने उन्हें बताया है कि शपथ ग्रहण समारोह का समय और तारीख राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद तय होगा. 26 नवंबर 2012 को केजरीवाल की आम आदमी पार्टी अस्तित्व में आई. महज एक साल पहले पैदा हुई आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में काबिज कांग्रेस और बीजेपी को कड़ी टक्कर दी.

केजरीवाल ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा करके सबको चौंका दिया. राजनीतिक पंडित उनके इस फैसले को लेकर अचंभित हो गए लेकिन केजरीवाल ने शीला को भारी मतों से हरा कर और दिल्ली में बड़ी जीत हासिल कर सबको गलत साबित कर दिया. वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस की तरफ से आप को दिया जाने वाला समर्थन बिना शर्त नहीं है. आप के सरकार बनाने के फैसले का स्वागत करते हुए दीक्षित ने उम्मीद जताई कि नई पार्टी जनता से किए गए वायदों को पूरा कर सकेगी.

एए/एजेए (पीटीआई, एएफपी)

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