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दुनिया

केजरीवाल-गाउक मुलाकात पर नजर

जर्मनी के राष्ट्रपति योआखिम गाउक की मंगलवार से पांच दिवसीय भारत की यात्रा शुरू हो रही है. यात्रा के दौरान जर्मनी और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत होगी.

जर्मन राष्ट्रपति योआखिम गाउक के भारत दौरे पर बड़े मुद्दों के अलावा उनकी दिल्ली के मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित मुलाकात पर सबकी नजरें होंगी. गाउक मंगलवार को भारत पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय ने पहले गाउक के साथ मुलाकात को रद्द कर दिया था लेकिन बाद में जर्मन राजदूत के निजी प्रयास के बाद केजरीवाल ने कहा था कि उन्हें राष्ट्रपति से मिलने से गुरेज नहीं.

भारतीय मीडिया में रिपोर्टें हैं कि केजरीवाल गुरुवार को जर्मन राष्ट्रपति से मिल सकते हैं. पांच दिनों के दौरे पर राष्ट्रपति गाउक दिल्ली पहुंच रहे हैं. उनके साथ उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है. इसमें जर्मन कैबिनेट के सदस्य, सांसद और व्यापार जगत के लोग हैं. दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास की विज्ञप्ति के मुताबिक, "राजनीतिक वार्ता के अलावा समाज के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात, कंपनियों के दौरे, केंद्रीय विद्यालय स्कूल का दौरा और विकास सहयोग परियोजना गाउक के एजेंडे में शामिल हैं."

राष्ट्रपति गाउक भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, संसद में विपक्ष के नेता और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात करेंगे. गाउक सात फरवरी को कर्नाटक के दौरे पर जाएंगे. भारत और जर्मनी के बीच 60 साल से राजनयिक रिश्ते हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक साल 2011 में अंतर सरकारी परामर्श शुरू होने से सभी द्विपक्षीय सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति आई है. यूरोप में जर्मनी भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है.

उनके इस दौरे में अचानक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात चर्चा में आ गई. सीएम कार्यालय से इस मुलाकात से इनकार के बाद गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत में जर्मनी के राजदूत मिषाएल श्टाइनर ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की.

26 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में श्टाइनर ने केजरीवाल से निजी तौर पर अनुरोध किया कि उन्हें जर्मन राष्ट्रपति से मिलना चाहिए, "आप और गाउक दोनों ही जन आंदोलनों की उपज हैं. दोनों ने ही मानवाधिकार के लिए कई लड़ाइयां लड़ी हैं. हम चाहते हैं कि आपकी और गाउक की मुलाकात हो लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय ने हमारा आग्रह मानने से इनकार कर दिया है." इस पर केजरीवाल ने तत्परता से श्टाइनर को जवाब दिया कि वह अपने कुछ कार्यक्रमों में फेरबदल कर जर्मनी के राष्ट्रपति से मुलाकात की संभावना अवश्य बनाएंगे.

एए/एजेए (पीटीआई, रॉयटर्स)

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