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दुनिया

कूटनीति से काम लें: ओबामा

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने देश के प्रतिनिधियों को कहा कि ईरान पर ताजा रोक के बजाए, कूटनीति को मौका दिया जाए. तो ईरानियों के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयातोल्लाह खमेनेई ने कहा कि उनका देश परमाणु अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा.

जेनेवा में बातचीत शुरू होने से पहले खमेनेई ने कहा कि उन्होंने अपने मध्यस्थों के लिए लाल लकीर तय कर दी है, लेकिन वह सीधे जेनेवा वार्ता में हस्तक्षेप नहीं करेंगे. वहीं फ्रांस के कड़े रुख के बारे में उन्होंने कहा, "फ्रांसीसी अमेरिकी सरकार के आगे तो नहीं झुक रहे, लेकिन वह इस्राएली सत्ता के आगे घुटने टेक रहे हैं."और कि "ईरान आक्रामकता का ऐसा कड़ा जवाब देगा कि वह इसे कभी नहीं भूलेंगे."हालांकि खमेनेई ने किसी देश का नाम नहीं लिया.

उधर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान पर नए प्रतिबंधों को फिलहाल टाल दिया जाए ताकि जेनेवा में परमाणु कार्यक्रम पर शुरू होने वाली बातचीत आगे बढ़े. व्हाइट हाउस में बंद दरवाजों के भीतर डेमोक्रैट और रिपब्लिकन प्रतिनिधियों के साथ बराक ओबामा ने दो घंटे बातचीत की. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्ने के मुताबिक ओबामा ने कहा, "ताजा बातचीत के बीच नए प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए."

Obama Rede Obamacare

बीच बचाव में लगा अमेरिका

कार्ने ने बताया कि ओबामा ने सीनेट की सैन्य सेवा, खुफिया, विदेशी संबंध और बैंकिंग कमेटियों को चेतावनी दी कि परमाणु कार्यक्रम को रोकने या खत्म करने की कोशिश के तहत जारी कूटनीतिक समझौते के बिना तेहरान परमाणु हथियार बनाने की शुरुआत कर सकता है. कार्ने ने कहा, "राष्ट्रपति ने साफ किया है कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम से रोकने के लिए जारी शांतिपूर्ण समझौता पूरी तरह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के लिए अच्छा है."

अमेरिकी सांसदों और प्रतिनिधियों को ईरान के साथ परमाणु समझौते के फायदे बताने की कोशिश में यह ओबामा की ताजा बैठक थी. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कुछ सीनेटरों ने पहले से जारी आर्थिक प्रतिबंधों को और कड़े करने का विचार किया. अमेरिकी सरकार ने इसके मद्देनजर चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर दशकों से जारी परमाणु विवाद पटरी से उतर सकता है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों के साथ जर्मनी बातचीत के तीसरे दौर में पहुंच गए हैं. उम्मीद की जा रही है कि कुछ प्रतिबंध इससे ढीले होंगे. और जवाब में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को समझौता हो जाने तक आगे नहीं बढ़ाएगा.

समझौते का विरोध

कई अमेरिकी सांसद प्रस्तावित डील के मसौदे पर संदेह में हैं. विदेशी संबंध समिति से जुड़े रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर बॉब क्रॉकर के मुताबिक, "कमरे में कुछ ऐसे लोग थे जो संतुष्ट थे लेकिन कुछ ऐसे भी थे जो बहुत असंतुष्ट थे."

इसके अलावा दोनों पार्टियों से सीनेटरों ने विदेश मंत्री जॉन केरी को बैठक के बाद लिखी चिट्ठी में चेतावनी दी है. छह सीनेटरों ने लिखा, हमें चिंता है कि ईरान के परमाणु हथियार नहीं बनाने की प्रतिबद्धता दिखाने से पहले ही अंतरिम समझौते के तहत हमें बहुत सारी रियायतें देनी होंगी."

सीनेटरों को यह भी चिंता है कि ईरान पहले तो अपना परमाणु कार्यक्रम धीमा कर देगा लेकिन वह हथियार आगे भी बनाता रहेगा. इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू की भी यही चिंता है और वह इस समझौते को "बैड डील"बताते हुए सार्वजनिक तौर पर इसके खिलाफ अभियान चला रहे हैं.

एएम/एए (एएफपी, रॉयटर्स)

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