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जर्मन चुनाव

कुछ पाक टुकड़ियों को अमेरिकी मदद नहीं

अमेरिका ने पाकिस्तानी सेना की कुछ टुकड़ियों के लिए सैनिक मदद रोक दी है. ओबामा प्रशासन का कहना है कि उनपर आतंकवाद विरोधी अभियान में मानवाधिकारों के हनन करने का आरोप है.

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अमेरिका को यह कदम एक अमेरिकी कानून के अनुसार उठाना पड़ रहा है. लेही संशोधन के अनुसार अमेरिका उन टुकड़ियों को सैन्य सहायता नहीं दे सकता जो मानवाधिकारों के हनन में लिप्त हैं. सीनेटर लेही ने टाइम्स से कहा है कि उन्होंने ओबामा प्रशासन से पाकिस्तानी सेना की कार्रवाईयों पर चिंता जताई है.

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि स्वात घाटी और वजीरिस्तान में तैनात पाकिस्तान की कुछ टुकड़ियों पर कैदियों को अवैध रूप से गोली मारने और उत्पीड़ित करने जैसे संदेह हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान की कितनी टुकड़ियां प्रभावित हैं और यह फैसला कब लिया गया.

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार अब पाकिस्तानी सेना की इन टुकड़ियों को अमेरिका न तो हथियार और अन्य उपकरण देगा और न ही उन्हें प्रशिक्षण देगा. अमेरिका का यह फैसला पाकिस्तान के साथ हाल के दिनों में उसके असहज संबंधों को दिखाता है, जिसकी आतंकवाद विरोधी संघर्ष में जरूरत भी है लेकिन जिसे अल कायदा के खिलाफ संघर्ष में बाधा डालने वाला भी समझा जाता है.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने दोनों देशों के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि ओबामा प्रशासन ने इस फैसले के बारे में वाशिंगटन में सामरिक बातचीत कर रहे पाकिस्तानी प्रतिनिधियों को अभी नहीं बताया है. लेकिन इस फैसले से पाकिस्तान को दी जा रही दूसरी सहायता प्रभावित नहीं होगी. इस समय वाशिंगटन में अमेरिकी पाकिस्तानी सामरिक संवाद चल रहे हैं और शुक्रवार को अगले पांच सालों के लिए पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर की अमेरिकी सैन्य सहायता की घोषणा की जाएगी.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: आभा एम

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