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मंथन

कीड़ों की अंजान दुनिया को करीब लाती यूलिया स्टोएस

हैम्बर्ग की यूलिया स्टोएस कीड़ों की दुनिया को बेहद नए ढंग से इंसान के सामने ला रही हैं. उनके मॉडल दुनिया को कीटों की अहमियत समझा रहे हैं.

ऐसे जीवों के साथ निकट संपर्क, जिन्हें बहुत से लोग गंदा समझते हैं. कीड़े, मकड़ियां और दूसरे कीट, वो भी सौगुना बड़े आकार में. इस तरह से उनके करीब आने की ये संभावना यूलिया स्टोएस ने दी है. हैम्बर्ग की यूलिया कीड़ों के मॉडल बनाती हैं. दरअसल वह कॉस्ट्यूम बनाती थी, लेकिन करीब 15 साल पहले उन्होंने कीड़ों पर ध्यान देने का फैसला किया.
कीट मॉडल डिजायनर यूलिया स्टोस कहती हैं, "कीड़ों ने मुझे हमेशा आकर्षित किया है. मैं देहात में बड़ी हुई हूं और ज्यादातर समय बाहर खेला करती थी और इन छोटे कीड़ों को पंसद करती थी. मैं अक्सर चीटियों के बिल के सामने बैठती और वहां होने वाली गतिविधियों को हड़े ध्यान से देखती. और इस तरह मेरा प्यार बढ़ा."

यूलिया स्टोएस बाजार में एक कमी को भर रही है. पहले म्यूजियमों के पास कीड़ों के शायद ही कोई मॉडल होते थे. यूलिया के लिये मॉ़डलिंग असली कीड़े करते हैं. उनका हर मॉडल वैज्ञानिक तौर पर परफेक्ट होता है. इस वक्त वो एशियाई झाड़ियों का मच्छर बना रही हैं.

यूलिया के मुताबिक हर कीड़ा अपने आप खास होता है, "हर कीड़े का अपना फीचर होता है, जिस पर अमल की जरूरत होती है. पहचान के फीचर यानि कड़े बालों की संख्या, जो खास जगह पर होते हैं, या फिर पांव या पेट पर सफेद धारियां. वहां मैं अपने मन से कुछ नहीं कर सकती. मॉडल बनाते समय मुझे तथ्यों के अनुसार चलना होता है."
इस बीच पूरे यूरोप के म्यूजियम उनसे काम लेते हैं. हाल ही में कनाडा से भी एक ऑर्डर आया. इस समय उनके आठ मॉडल बीलेफेल्ड के प्रकृति विज्ञान म्यूजियम में विशेष प्रदर्शनी में दिखाये जा रहे हैं. म्यूजियम प्रमुख का कहना है कि यह कीड़ों को दूसरे नजरिये से पेश करने का अच्छा मौका है.

बीलेफेल्ड म्यूजियम की प्रमुख इजोल्डे रासिड्लो यूलिया के काम की सराहना करते हुए कहती हैं, "हाथियों को सब जानते हैं, उसके साथ प्रचार भी किया जा सकता है, लेकिन इस कमरे की मक्खी को नहीं. लेकिन यदि इसे बड़े आकार में देखा जाए और तो पता चलता है कि वे दरअसल कितने अच्छे लगते हैं. और शायद ही किसी को पता है कि हम कीड़ों के बिना जी ही नहीं सकते. सिर्फ हम ही नहीं सारा इको सिस्टम कुछ ही समय में चरमरा जाएगा."
छोटे से छोटा टुकड़ा यूलिया स्टोस हाथ से चिपकाती है. इस तरह का एक मॉडल 8,000 से 25,000 यूरो का होता है. अपने काम के जरिये वे चाहती हैं कि लोग कीड़ों को सिर्फ हानिकारक जीव न समझें बल्कि उनकी खूबसूरती को देखें. वह कहती हैं, "चूंकि मैंने कीड़ों के साथ काम किया है, मैं पाया कि वे कितने बहुमुखी हैं, किस तरह मुश्किलों में जीते हैं,  और वे क्या क्या कर सकते हैं. और इसके अलावा मैं उन्हें बहुत सुंदर भी पाती हूं. यहां तक कि मच्छर भी खूबसूरत होते हैं."
यूलिया स्टोस के मॉडलों की बदौलत इस सुंदरता का आनंद हर कोई ले सकता है. इनके जरिये कीटों की दुनिया में ज्यादा गहराई से उतरा जा सकता है.

(जलवायु परिवर्तन और कीड़े मकोड़े)

सिबले मेयर-ब्रेटश्नाइडर/ओएसजे

 

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