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दुनिया

किम जोंग नाम की हत्या की आरोपी महिलाओं को हो सकती है फांसी

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के सौतेले भाई की हत्या के आरोप में मलेशिया में गिरफ्तार की गयी दो महिलाओं को दोषी पाये जाने पर फांसी की सजा हो सकती है. हालांकि ये महिलाएं खुद को राजनीतिक साजिश में फंसायी गयी बता रही हैं.

मलेशियाई एयरपोर्ट पर किम जोंग नाम की हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गयी दोनों महिलाओं को मलेशिया के सेपांग शहर स्थित अदालत में पेश किया गया था. इस कार्यवाही के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. इन दोनों ही आरोपियों को अदालत में दूसरी बार पेश किया गया. दो महिलाओं में से 28 वर्षीय डुआन थी हुआंग वियतनाम से हैं, और 25 वर्षीय शीती आईशाह इंडोनेशिया की बतायी जाती हैं. इस मामले की अगली सुनवाई अब मई में होनी है.

अभियोजन पक्ष ने अनुरोध किया है कि इस मामले को उच्च अदालत में भेजा जाये और इन महिलाओं पर संयुक्त रूप से हत्या का मुकदमा चलाया जाए. अगर ऐसे मामले में महिलाओं को दोषी करार दिया जाता है तो इन्हें फांसी की सजा तक हो सकती है. गिरफ्तार की गयी ये दोनों महिलायें अपने आप को निर्दोष बताती हैं. उनका कहना है कि उन्हें एक 'प्रैंक शो' के नाम पर ऐसा करने का झांसा दिया गया था. इन दोनों महिलाओं पर नाम को जहरीला इंजेक्शन लगाकर मारने का आरोप है.

13 फरवरी को उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की हत्या कर दी गई थी. दक्षिण कोरिया के मीडिया ने दावा किया था कि यह हत्या किम जोंग उन ने करायी है.

इस पूरे मामले ने कोरियाई प्रायद्वीप की राजनीति में खासा तनाव पैदा कर दिया है. दक्षिण कोरिया का आरोप है कि उत्तर कोरिया ने ही यह हत्या करायी है. इस मामले ने उत्तर कोरिया और मलेशिया के रिश्तों को भी प्रभावित किया और उत्तर कोरिया ने मलेशियाई लोगों के देश छोड़ने पर ही प्रतिबंध लगा दिया था. जबावी कार्रवाई में मलेशिया ने भी यही रुख अपनाया था. लेकिन 6 हफ्ते बाद नाम के शव को उत्तर कोरिया भेज दिया गया और इसके बाद से दोनों देशों द्वारा लगाये गये यात्रा प्रतिबंध हटा लिये गये.

एए/आरपी (एएफपी,रॉयटर्स)

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