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मंथन

किन गैजेट्स का है चलन

तकनीक बदल रही है. टीवी, फ्रिज, कैमरे, सब और हाई टेक होते जा रहे हैं. कैमरे कभी पेशेवर गैजेट होते थे, अब आम इस्तेमाल का हिस्सा बन गए हैं. जानिए कि इन दिनों कौन से गैजेट्स बाजार में धूम मचा रहे हैं.

दुनिया भर में हर साल कोई सवा अरब टन खाना फेंक दिया जाता है. सीमेंस कंपनी इस समस्या का अलग समाधान लेकर आई है. कंपनी इस तरह के नए रेफ्रिजिरेटर बाजार में ला रही है जिनमें वैक्युम बनाने की जगह होगी, जहां खाना लंबे वक्त तक ताजा रहेगा. ग्राहक को बस एक बटन दबाना है. फिर वैक्युम चल पड़ेगा और हवा बाहर निकल जाएगी. इसके बाद वहां ऑक्सीजन बहुत कम रह जाएगा और खाना पांचगुना ज्यादा वक्त तक ताजा रहेगा. सीमेंस कूलिंग के मैनेजर राइनहार्ड मुंड बताते हैं कि विटामिन और दूसरे पोषक तत्व भी ज्यादा वक्त तक ताजा रह सकेंगे. इन दिनों रेफ्रिजिरेटरों पर ए प्लस प्लस प्लस का निशान दिखता है. इसका मतलब यह हुआ कि यह फ्रिज बिजली भी बहुत कम लेता है. बिजली की कम खपत यानी बचत.

स्मार्टफोन से बनें स्मार्ट

बचत की ओर सभी कंपनियों का ध्यान है. ठंडे देशों में सेंट्रल हीटिंग सिस्टम होता है, जो जेब पर काफी भारी पड़ता है. म्यूनिख की एक कंपनी टाडो ने हीटिंग का बिल कम करने का उपाय निकाल लिया है. उनका ऐप स्मार्टफोन को घर की हीटिंग से जोड़ देता है. फिर आप जहां रहेंगे, वहां की हीटिंग चलेगी, बाकी जगह की नहीं. टाडो की श्टेफानी जेडलाक इस नए सिस्टम के बारे में बताती हैं, "जैसे ही मैं घर से बाहर जाती हूं, टाडो तापमान कम कर देता है. और जैसे ही घर की तरफ बढ़ती हूं, यह फिर से तापमान बढ़ा देता है. इससे बिजली और पैसे भी बचते हैं और जब मैं घर पहुंचती हूं तो घर भी गर्म मिलता है."

ifa 2012 BG Impressionen (Bild 5) Philips Smart TV Fernbedienung

तकनीक में हो रहे बदलाव जीवन को जितना आसान बना रहे हैं, उतना ही उसे उलझा भी रहे हैं.

स्मार्टफोन का इस्तेमाल जिंदगी को कई तरह से आसान बना रहा है. बाजार में ऐसे स्मार्टफोन उपलब्ध हैं जो किसी कैमरे के लेंस में फिट हो सकते हैं और ऐसे ऐप भी जिनकी मदद से आपकी कार स्मार्टफोन से बात करने लगे.
कार बनाने वाली कंपनी फोर्ड इस तरह के ऐप की मदद से लोगों की जिंदगी आसान बनाने में लगी है. फोर्ड जर्मनी के चीफ इंजीनियर क्रिस्टोफ केलरवेसेल बताते हैं, "अगर आप कहीं जा रहे हैं और आप रास्ता भटक गए हैं, आपको पता ही नहीं है कि अब जाना कहां है, तो आप इस ऐप की मदद से होटल ढूंढ सकते हैं. आप सिर्फ नाम बताएं और वहां बुकिंग भी हो जाएगी."
कहा जा सकता है कि तकनीक में लगातार हो रहे बदलाव जीवन को जितना आसान बना रहे हैं, उतना ही उसे उलझा भी रहे हैं और इंसानों की इन पर निर्भरता को लगातार बढ़ाते चले जा रहे हैं.

रिपोर्टः डानिएल विसेविच/अनवर अशरफ

संपादनः ईशा भाटिया

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