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विज्ञान

कितना सुरक्षित है परमानेंट मेकअप

सुंदर दिखने की ललक में नया चलन है परमानेंट मेकअप. घनी तीखी भौएं बनवानी हों या होठों पर अपना पसंदीदा रंग, ऐसे तरीके आ गए हैं कि ये रंग उतरेंगे नहीं. लेकिन क्या ये सुरक्षित हैं?

सुंदर दिखना आमतौर पर सबका ख्वाब होता है. फिर अगर ऐसा कुछ उपाय हो कि रात भर सोकर उठें या दफ्तर से दिनभर थक कर आए, लेकिन चेहरा बिल्कुल मेकअप से सजा निखरा सा दिखे तो इस उपाय के प्रति आकर्षण तो होगा ही. आर्टीफीशियल परमानेंट मेकअप के जरिए सजीली भौएं, चेहरे की रंगत और अपनी पसंद के मुताबिक होठों का रंग भी बदलवाया जा सकता है. लेकिन इस विधि में टैटू बनाने की तरह ही माइक्रोपिगमेंटेशन का तरीका इस्तेमाल होता है.

असल में परमानेंट मेकअप करने के लिए एक सूई के जरिए त्वचा की सबसे बाहरी परत में रंग उतार दिए जाते हैं. हैम्बर्ग स्कूल ऑफ कॉस्मेटोलॉजी की प्रशिक्षक एमेल बुटुन ने बताया, "इसके लिए एक ऑटोमेटिक यंत्र का इस्तेमाल होता है जो टैटू मशीन की तरह काम करता है लेकिन उतना आक्रामक नहीं है."

जर्मनी में पिछले कुछ समय से भौओं को उभारने वाले रंगों से रंगा जाना या नकली भौएं बनवाना काफी प्रचलन में आया है. भौओं को उभार वाला दिखाने के लिए एक एक बाल की तरह स्ट्रोक दिए जाते हैं. पतले होठों को उभारने या उनमें रंग भरना भी खासा पसंद किया जा रहा है. बुटुन कहती हैं, "कुछ शेडिंग तकनीकों से आकार को उभारा जा सकता है और होंठ के रंग को बेहतर बनाया जा सकता है." एक नई तकनीक जिसे माइक्रोब्लेडिंग कहते हैं, इसमें भौओं के आकार को सुधारा जाता है. ब्रेस्ट कैंसर जैसे कुछ मामलों में परमानेंट मेकअप सर्जरी के बाद भी किया जाता है.

नुकसान

स्थायी मेकअप से त्वचा को नुकसान पहुंचता है. इससे स्वास्थ्य संबंधी कई खतरे भी हो सकते हैं. त्वचा रोग विशेषज्ञ क्रिस्टियान राउलिन चेतावनी देते हैं कि इससे एलर्जी जैसी प्रतिक्रियाएं भी हो सकती हैं. यह जरूरी है कि टैटू के लिए इस्तेमाल किए जा रहे केमिकल जरूरी नियमों के अनुरूप हों और कंपनी स्पष्ट रूप से लिखे कि उन्हें बनाने में किन तत्वों का इस्तेमाल किया गया है. उनका कहना है कि शरीर बाहरी कण के लिए प्रतिक्रिया कभी भी दे सकता है.

राउलिन परमानेंट मेकअप से मु्क्ति पाने की सुविधा उपलब्ध कराते हैं. यह सर्जरी द्वारा किया जाता है. उन्होंने बताया कि हर महीने वे लगभग तीन से पांच ऐसे लोगों का इलाज करते हैं जो अपने मेकअप से खुश नहीं है या ऊब गए हैं. उनकी सलाह है कि महिलाओं को परमानेंट मेकअप करवाने से पहले मेकअप कलाकार से पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए. मेकअप को हटवाने में 10 से 15 लेजर ट्रीटमेंट की जरूरत होती है. बहुत जरूरी है कि मेकअप कलाकार मेकअप करते समय सफाई का भी पूरा ख्याल रखे वरना संक्रमण भी हो सकता है.

एसएफ/आईबी (डीपीए)

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