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दुनिया

काले धन पर मिलकर काम करेंगे भारत और स्विट्जरलैंड

स्विट्जरलैंड ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत की सदस्यता का समर्थन किया. प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने टैक्स चोरी और काले धन पर मिलकर काम करने का एलान भी किया.

पांच देशों की यात्रा पर निकले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह जिनेवा में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति योहान श्नाइडर-अममन से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बाद स्विस राष्ट्रपति ने 48 सदस्यों वाले एनएसजी में भारत की सदस्यता का समर्थन करने का एलान किया. बातचीत के बाद मोदी और श्नाइडर-अममन ने साझा प्रेस वार्ता भी की, जिसमें स्विस राष्ट्रपति ने कहा, "हमने भारत से वादा किया है कि हम एनएसजी की सदस्यता के लिए उसके प्रयासों का समर्थन करेंगे."

मोदी और श्नाइडर-अममन ने टैक्स चोरी और काले धन पर नकेल कसने का एलान भी किया. स्विस राष्ट्रपति के मुताबिक 14 जून को स्विट्जरलैंड का अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मामलों का सचिव स्तर का एक अधिकारी भारत जाएगा. उस यात्रा के दौरान दोनों देश टैक्स चोरी और काले धन के मामले नजदीकी साझेदारी के रास्ते तलाशेंगे.

Schweiz Narendra Modi und Johann Schneider-Ammann

जिनेवा में नरेंद्र मोदी और योहान श्नाइडर-अममन

साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस ने भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "टैक्स अपराधियों को न्याय के कठघरे तक लाने के लिए सूचना के जल्द और तेज आदान प्रदान की जरूरत है." भारत में टैक्स चोरी और काला धन एक बड़ा राजनैतिक मुद्दा है. मई 2014 में बहुमत से सत्ता में आए नरेंद्र मोदी काले धन की वापसी का चुनावी वादा कर चुके हैं. स्विट्जरलैंड के सहयोग के लिए मोदी ने स्विस राष्ट्रपति का आभार भी जताया.

इसके अलावा नई दिल्ली और बर्न ने आपसी सहयोग बढ़ाने का वादा भी किया. दोनों देश कारोबार, निवेश और वोकेशनल ट्रेनिंग में साझेदारी बढ़ाएंगे.

अफगानिस्तान, कतर और स्विट्जरलैंड के दौरे के बाद भारतीय प्रधानमंत्री अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन का रुख करेंगे. दो साल के भीतर चौथी बार अमेरिका जाने वाले मोदी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ डिनर करेंगे. वह अमेरिकी संसद को भी संबोधित करेंगे. अमेरिकी के बाद भारतीय प्रधानमंत्री का अगला पड़ाव मेक्सिको होगा.

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